सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द की

चंडीगढ़. छत्रसाल हत्यकांड मामले में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के मुख्य आरोपी सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी है और उन्हें हफ्ते के अंदर सरेंडर करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सुशील कुमार को जमानत देने के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के 4 मार्च के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट का यह आदेश सागर के पिता अशोक धनखड़ की याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट के जमानत के आदेश को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में अशोक धनखड़ की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ मृदुल पेश हुए, जबकि सुशील कुमार का पक्ष अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने रखा। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है।

2021 से न्यायिक हिरासत में थे सुशील कुमार

आपको बता दें कि सुशील साथी पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में 2021 से न्यायिक हिरासत में थे। दिल्ली हाई कोर्ट ने मार्च में मुकदमे की प्रक्रिया में देरी का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। हालांकि इस मामले की जांच अभी भी जारी है। इस वजह से कोर्ट ने सुशील कुमार को एक सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश दिया है।

भारत के लिए ओलंपिक में दो मेडल जीत चुके हैं सुशील कुमार

रेसलिंग की दुनिया में अपना नाम बनाने वाले सुशील का नाम जब हत्या के मामले में सामने आया तो इस खबर ने देश को स्तब्ध कर दिया था। उन्होंने कुश्ती में बीजिंग 2008 ओलंपिक में कांस्य और लंदन 2012 ओलंपिक में रजत जीता था। वह दो ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बने थे। हालांकि, इस मामले में अदालत की कार्यवाही अभी भी चल रही है और अब इसके बाद उनको लेकर कोर्ट क्या फैसला सुनाती है ये देखना अहम होगा।

साभार : इंडिया टीवी

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