ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान मार गिराए : भारतीय वायुसेना

नई दिल्ली. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे लेक्चर के दौरान बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना के एयर डिफेंस सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम ने पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट और एक अवाक्स विमान को मार गिराया. उन्होंने बताया कि S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इन पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया, जिसमें AEW&C/ELINT विमान को 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया गया.

‘गेम चेंजर रहा S-400’

एयर चीफ मार्शल सिंह ने पहलगाम घटना के बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के सबूत भी पेश किए. उन्होंने बताया कि सारे लक्ष्य पहले से तय किए गए थे. इमारतों की पहचान कर उन्हें सटीक रूप से निशाना बनाया गया. हमले से पहले और बाद की उपग्रह तस्वीरों के आधार पर नुकसान का आकलन किया गया. उन्होंने कहा कि इस मिशन में इंटर-सर्विस कोऑर्डिनेशन और अत्याधुनिक हथियार प्रणाली के कारण ऑपरेशन सफल रहा और दुश्मन को भारी नुकसान उठाना पड़ा. यह पहला मौका है, जब भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान पर आधिकारिक रूप से बयान दिया है. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया कि S-400 सिस्टम हाल ही में वायुसेना में शामिल हुआ और यह पूरे ऑपरेशन में गेम-चेंजर साबित हुआ. इसकी रेंज ने पाकिस्तान के विमानों को भारतीय सीमा के नज़दीक आने और अपने लंबी दूरी के ग्लाइड बम का इस्तेमाल करने से रोक दिया.

एयर चीफ मार्शल सिंह ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम सब जानते हैं कि पहलगाम की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कितने निर्दोष लोग मारे गए. देश को जवाब देना ज़रूरी था. यह संदेश केवल लॉन्चपैड तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आतंकी नेतृत्व को भी चुनौती दी जानी चाहिए. इसी सोच के साथ अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर हमने नौ ठिकानों को निशाना बनाने का निर्णय लिया.’ उन्होंने बताया कि बहावलपुर और मुरिदके में स्थित दो आतंकी मुख्यालयों को इस ऑपरेशन में निशाना बनाया गया. मुरिदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा मुख्यालय पर हमले से पहले और बाद की उपग्रह तस्वीरें भी उन्होंने दिखाईं, जिसमें आतंकी नेतृत्व के आवासीय क्षेत्र और मीटिंग हॉल को सटीक रूप से नष्ट किया गया.

एपी सिंह के मुताबिक, कुल आठ एजेंसियों और तीनों सेनाओं ने इस मिशन में भाग लिया. सात लक्ष्य सीमा के पास थे, जबकि दो आतंकी नेतृत्व के गढ़ में गहराई तक जाकर निशाना बनाए गए. हथियारों से सीधे मिली वीडियो फुटेज ने हमलों की पुष्टि की. उन्होंने कहा, ‘यह एक बेहद सुविचारित और योजनाबद्ध अभियान था, जिसमें हमने दिन और लक्ष्य तय किए. परिणाम यह रहा कि पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश गया कि भारत न केवल सीमा पार के लॉन्चपैड बल्कि आतंकी संरचना के दिल पर भी चोट कर सकता है.’

साभार : न्यूज18

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