बीएलए ने वाहनों को निशाना बना पाकिस्तान की सेना के 13 सैनिकों को किया ढेर

क्वेटा. बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की ओर से किए गए हमलों में वरिष्ठ सेना के अधिकारी सहित 23 लोगों की मौत हो गई है। बलूचिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कई सशस्त्र अभियानों की बीएलए ने जिम्मेदारी ली है। बीएलए प्रवक्ता जीयंद बलूच ने संकेत दिया कि समूह के लड़ाकों ने मस्तुंग, कलात, जमुरान, बुलेदा और क्वेटा जैसे स्थानों पर पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया और नुश्की, दलबंदिन और पंजगुर में भी हमले किए।

कैसे किया हमला?

बीएलए ने बताया कि सबसे उल्लेखनीय मुठभेड़ों में से एक 22 जुलाई को कलात के कोहाक क्षेत्र में हुई, जहां आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया गया। इस कार्रवाई में तीन सैन्य वाहनों पर सीधा हमला बोला गया और पीछे हटते सैनिकों को लड़ाकों ने घेर लिया, जिसके परिणामस्वरूप 13 सैनिक मौके पर ही मारे गए। इस बीच, बलूच यकजेहती समिति ने एक रिपोर्ट जारी कर राज्य की ओर से बलूचिस्तान में व्यवस्थित और व्यापक दमन को उजागर किया है।

किस क्षेत्र के लोग हैं गायब?

बीवाईसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में 752 लोगों को जबरन गायब कर दिया गया। इनमें से 181 को बाद में रिहा कर दिया गया, जबकि 25 की कथित तौर पर हिरासत में मौत हो गई। 546 लोगों का ठिकाना अब भी अज्ञात है। मकरान क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग गायब हुए, जहां फ्रंटियर का‌र्प्स के जवानों को मुख्य अपराधी बताया गया।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *