बीएलएफ ने बलूचिस्‍तान को स्वतंत्र कराने के लिए ऑपरेशन बम शुरू करने की बनाई योजना

क्वेटा. बलूचिस्तान के अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट  ने आधिकारिक तौर पर एक पोस्टर जारी किया है जिसमें बताया गया है कि पाकिस्तान प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के असहयोग के लिए ऑपरेशन बम शुरू किया गया है। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता मेजर ग्वाराम बलोच के मुताबिक बलूचिस्तान के मकरान तट से लेकर कोह ए सुलेमान की पहाड़ियों तक आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बम शुरू किया गया है। इस ऑपरेशन के तहत दुश्मन के खिलाफ समन्वित और बहुआयामी हमले किए जा रहे हैं. प्रवक्ता के मुताबिक बीएफ का यह ऑपरेशन बलोच स्वतंत्रता संग्राम में एक नई सुबह की शुरुआत का प्रतीक है इस पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि बलूचिस्तान में इस संबंध अभियान के माध्यम से दुश्मन को भारी छाती और वित्तीय नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

‘बलूचिस्‍तान में नहीं काम करेंगी विदेशी कंपनियां’

इस ऑपरेशन बम के तहत अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक बलूचिस्तान के वाशुक जिले में हथियारबंद लोगों ने सड़कों पर नाकेबंदी कर दी. जिससे विदेशी कंपनियों द्वारा सामान बाहर ना ले जाया जा सके. इसके साथ ही कई ईंधन टैंकरों में आग लगा दी. एक स्थानीय लेवी चेक पोस्ट पर भी कब्जा कर लिया गया और उसके एक वाहन और दो कमरों में भी आग लगा दी गई. बलूचिस्तान के कोलवा में पाकिस्तान सेना के मुख्य शिविर पर भीषण हमला हुआ. अलगाववादियों ने कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले क्वॉर्डकॉप्टर और कैमरा उपकरणों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया.

पाक सेना और पुलिस पर हमले तेज

ऑपरेशन के तहत केंच जिले के ग्वारकोप क्षेत्र में जहां एक पाकिस्तानी सेवा का शिविर है, उसपर हमला किया गया. नसीराबाद के सौली क्षेत्र में एक पुलिस चेक पोस्ट और सोबतपुर जिले के लोही क्षेत्र में एक पुलिस चौकी पर हमला किया गया. सशस्त्र लोगों ने कब के दोसा लासारी क्षेत्र में एक प्रमुख राजमार्ग को भी अवरोध कर दिया है, जिससे वहां से सामान लेकर बड़े वाहन ना जा सके. अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी अधिकारिक तौर पर किसी संगठन ने नहीं ली है लेकिन अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता ने कहा है कि ऑपरेशन पूरा होने पर सारी जानकारी एक साथ दी जाएगी.

साभार : न्यूज18

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *