एलन मस्क से विवाद के बाद डोनाल्ड ट्रंप बेचेंगे अपनी टेस्ला कार

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला प्रमुख एलन मस्क की दोस्ती में दरार पड़ चुकी है. इन दोनों के बीच जुबानी जंग इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. इस बीच खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी उस लाल टेस्ला से छुटकारा पाने का प्लान बना रहे हैं, जिसे उन्होंने मार्च के महीने में एलन मस्क से खरीदा था. ट्रंप ने टेस्ला कार को उस वक्त खरीदा था जब इसके शेयरों में भारी गिरावट आ गई थी. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावना है कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी लाल रंग की टेस्ला को या तो किसी को दे सकते हैं या फिर इसे बेच सकते हैं. हालांकि उन्होंने इसका निजी इस्तेमाल कभी नहीं किया. टेस्ला को उन्होंने व्हाइट हाउस के अधिकारियों के इस्तेमाल के लिए खरीदा था. उस समय ट्रंप ने कहा भी था कि उन्होंने कोई डिस्काउंट नहीं लिया था और पूरी कीमत लगभग 80 हजार डॉलर चुकाई थी.

डोनाल्ड ट्रंप VS एलन मस्क

ट्रंप ने सीएनएन को बताया, “मैं एलन के बारे में सोच भी नहीं रहा हूं. उसे कोई समस्या है. बेचारे को कोई समस्या है.” ट्रंप और मस्क के बीच संबंध तब और खराब हो गए, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने एलन की सरकारी सब्सिडी और कॉन्ट्रैक्ट्स को खत्म करने की धमकी दी. यह एक ऐसा कदम है, जो दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के बिजनेस को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. इससे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर प्रभाव दिख सकता है. ट्रंप ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, हमारे बजट, अरबों और अरबों डॉलर में पैसे बचाने का सबसे आसान तरीका एलन की सरकारी सब्सिडी और कॉन्ट्रैक्ट्स को खत्म करना है. मुझे हमेशा आश्चर्य होता था कि बाइडेन ने ऐसा क्यों नहीं किया!

इस बीच मस्क ने आरोप लगाया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइलों में है और इस वजह से जांच के विवरण और निष्कर्षों को जनता के सामने पेश नहीं किया गया है. मस्क ने एक्स पर लिखा, वास्तव में बड़ा बम गिराने का समय आ गया है: डोनाल्ड ट्रंप एपस्टीन फाइलों में हैं. यही असली कारण है कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है. आपका दिन शुभ हो, डीजीटी!

व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

एपस्टीन के आरोप के जवाब में, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, यह एलन का एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण है, जो ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ से नाखुश हैं, क्योंकि इसमें वे नीतियां शामिल नहीं हैं, जो वह चाहते थे. राष्ट्रपति इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने और हमारे देश को फिर से महान बनाने पर फोकस कर रहे हैं.

साभार : एबीपी न्यूज

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