पाकिस्तानी डोजियर ने खुद खोले ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के राज

इस्लामाबाद. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को बुरी तरह से ध्वस्त किया है। भारत की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह हो गए। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की मार से पाकिस्तान काफी बुरी तरह घायल हुआ है। इस ऑपरेशन से पाकिस्तान को काफी भारी नुकसान हुआ है। ये बात खुद पाकिस्तान ने आधिकारिक डोजियर में स्वीकार की है। पाकिस्तान के डोजियर ने खुद उसकी झूठ की पोल खोल दी है।

पाकिस्तान ने स्वीकार की हार

पाकिस्तान ने अब अपने डोजियर में खुद यह स्वीकार किया है कि भारतीय सेना ने उसकी सीमा के अंदर गहराई में घुसकर कई अहम ठिकानों पर हमला किया है। पाकिस्तान ने इस डोजियर में 100 से अधिक भारतीय ड्रोन के घुसपैठ और मिसाइल हमलों की बात स्वीकार की है। इसमें मुरीदके, बहावलपुर और मुजफ्फराबाद जैसे संवेदनशील शहर भी शामिल हैं।

डोजियर ने खोली पाकिस्तान की पोल

पाकिस्तान सरकार की तरफ से 53-पेज का डोजियर ‘मार्का-ए-हक’ जारी किया गया है। इस डोजियर में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें उन 8 इलाकों का भी जिक्र है, जिसके बारे में भारतीय वायुसेना और डीजीएमओ की ब्रीफिंग में किसी तरह की सैन्य कार्रवाई का आधिकारिक उल्लेख नहीं किया गया था। अपने इस डोजियर में पाकिस्तान ने खुद यह स्वीकारा है कि उसे भारत की सैन्य कार्रवाई से अनुमान से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ है।

पाकिस्तान के डोजियर में शामिल 8 नए ठिकाने

  • पेशावर (Khyber Pakhtunkhwa)
  • झंग (पंजाब)
  • सिंध का हैदराबाद
  • गुजरात (पंजाब)
  • गुजरांवाला (पंजाब)
  • बहावलनगर (पंजाब)
  • अटॉक (पंजाब)
  • छोर (सिंध)

बता दें कि इनमें से किसी का नाम भारतीय वायुसेना की प्रेस ब्रीफिंग में सामने नहीं आया था। इससे यह साफ होता है कि पाकिस्तान पर भारत की सैन्य कार्रवाई कितनी गहरी और बहुपरतीय थी। पाकिस्तान के डोजियर में पहली बार आधिकारिक रूप से यह स्वीकार किया गया है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों के साथ-साथ 11 एयरबेस को पूरी तरह तबाह कर दिया। इसमें मुरीद एयरबेस, रफीकी एयरबेस, मसरूर एयरबेस और समुंगली एयरबेस जैसे प्रमुख ठिकाने शामिल हैं।

पाकिस्तान की विफलता पर झूठ की चादर

पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई के जवाब में जो सैन्य अभियान चलाया, उसे ‘बुनयान अल मरसूस’ नाम दिया, लेकिन भारत के अनुसार यह पूरी तरह विफल रहा। पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन को ‘इतिहास की कामयाबी’ बताया है। लेकिन डोजियर में ही दिए गए सैटेलाइट इमेज, बिखरे एयरबेस और तबाह इन्फ्रास्ट्रक्चर इसके विपरीत कहानी कह रहे हैं।

भारत पर झूठे हमले का बहाना

इस डोजियर में पाकिस्तान ने यह दावा किया है कि पहलगाम आतंकी हमले के महज 10 मिनट के भीतर भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाकर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। पाकिस्तान ने इसे ‘फर्जी झंडा’ करार देते हुए संयुक्त जांच का प्रस्ताव भी दिया था, जिसे भारत ने ठुकरा दिया। इसके साथ ही पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने केवल भारतीय सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया है। हालांकि, सच्चाई इससे काफी अलग है। जम्मू-कश्मीर में पाक की तरफ से सीजफायर तोड़कर धार्मिक स्थलों और रिहायशी इलाकों पर फायरिंग की गई, जिसमें कई निर्दोषों की जान चली गई।

पाक डोजियर बना भारत की जीत का सबूत

पाकिस्तान ने जिस डोज़ियर के जरिए खुद को सही ठहराने की कोशिश की, उसी में उसने अनजाने में भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक बढ़त को उजागर कर दिया। जिन ठिकानों पर भारत ने आधिकारिक रूप से चुप्पी साधी थी, उन्हें पाकिस्तान ने खुद ही उजागर कर दिया। इससे साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि एक सटीक, गहन और बहुआयामी सैन्य विजय थी।

साभार : न्यूज24

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *