भारत के लिए एयरस्पेस बंद करने के कारण पाकिस्‍तान को हो रहा है करोड़ों रुपए का नुकसान

नई दिल्‍ली. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। हमले के बाद पाकिस्तान ने भारतीय उड़ानों के लिए अपना एयरस्‍पेस बंद कर दिया है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि इससे भारत के विमानन क्षेत्र को नुकसान होगा। लेकिन, इस फैसले से पाकिस्तान को ही लाखों डॉलर का नुकसान होने का खतरा है। भारत की नकल करने में उठाया गया यह कदम उसकी कमाई के लिए बड़ा झटका साबित होगा।

दरअसल, कोई भी विमान जब किसी देश के हवाई क्षेत्र यानी एयरस्‍पेस से गुजरता है तो उस देश को कुछ शुल्क देता है। इसे ‘ओवरफ्लाइट फीस’ कहते हैं। पाकिस्तान को अब यह फीस नहीं मिलेगी। कारण है कि भारतीय विमान अब पाकिस्तान के ऊपर से नहीं जा रहे हैं। वे अब लंबा रास्ता ले रहे हैं। एक पाकिस्तानी यूजर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें एक भारतीय विमान पाकिस्तान से बचने के लिए लंबा रास्ता ले रहा था। उसने लिखा, ‘और लो पंगा।’

हर साल करोड़ों डॉलर का नुकसान

नरेन मेनन नाम के एक यूजर ने इस पोस्ट पर रिऐक्शन दिया। उन्होंने पाकिस्तान के इस कदम के वित्तीय नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तान दुनिया के तीसरे सबसे बड़े (और सबसे तेजी से बढ़ते) विमानन बाजार से ‘ओवरफ्लाइट फीस’ खो देगा। यह हर साल करोड़ों डॉलर का नुकसान है। मानव इतिहास में कभी भी किसी देश में इतनी सामूहिक मूर्खता नहीं देखी गई।’

कुछ यूजर्स ने कहा कि पाकिस्तान को विदेशी एयरलाइनों से तो कमाई होगी। लेकिन, मेनन ने साफ किया कि भारत से पश्चिम की ओर जाने वाली ज्यादातर उड़ानें एयर इंडिया और इंडिगो जैसी भारतीय एयरलाइनों की होती हैं। इसलिए, पाकिस्तान को अपनी ओवरफ्लाइट इनकम का एक बड़ा हिस्सा खोना पड़ेगा। ऐसा लगता है कि दिवालिया पाकिस्तान ने भारत को नुकसान पहुंचाने के बजाय खुद को ही चोट पहुंचा ली है।

पहले भी पाक‍िस्‍तान कर चुका है गलती

पाकिस्‍तान के कदम से अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों में दो से ढाई घंटे की देरी हो सकती है। इससे ईंधन की खपत बढ़ेगी, क्रू मेंबर्स के काम के घंटे बढ़ेंगे और उड़ानें लेट होंगी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। इससे उसे लगभग 10 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था।

पाकिस्तान ने जो कदम उठाया है, उससे उसे ही नुकसान हो रहा है। यह ऐसा है जैसे कोई अपना पैर कुल्हाड़ी से काट ले। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह भारत को नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन उल्टा हो गया। यह पाकिस्तान की बेवकूफी का एक और बड़ा नमूना है। जिस वक्‍त वह जगह-जगह भीख मांगता फिर रहा है, तब उसने कमाई का एक अच्‍छा खासा जरिया बैठे-बैठाए बंद दिया है। भारत की ओर से सिंधु जल संधि रोकने के बाद पाकिस्‍तान ने नकल करते हुए यह कदम उठाया था। ऐसा करने में वह यह भूल गया कि भारत और उसकी अर्थव्‍यवस्‍था में कितना बड़ा फर्क है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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