इंदिरा गांधी भी नहीं बदल पाई थीं पाकिस्तान की कट्टरपंथी सोच : एस जयशंकर

नई दिल्ली. पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू कितने सेफ हैं? वहां कैसे अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं? विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसका डेटा संसद में पेश किया. लोकसभा में अल्पसंख्यकों के अत्याचार का डेटा दिखाकर एस जयशंकर ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की पोल खोल दी. उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दे पर नजर रखते हैं और उसे उठाते हैं. इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी का जिक्र किया. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर संसद में बोलते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत ऐसे मामलों पर बहुत गौर से नजर रखता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाता है. संसद में एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्टैंड को दोहराते हुए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया, जहां पड़ोसी देश को मानवाधिकारों के हनन और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए नाम लेकर शर्मिंदा किया गया था.

जयशंकर ने पाकिस्तान की खोली पोल

लोकसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ अत्चायार पर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ ट्रीटमेंट को भारत देखता है. फरवरी में पाकिस्तान के हिंदुओं के साथ प्रताड़ना के 10 मामले सामने आए. एक सरकार और एक देश के रूप में हम अपने पड़ोसी की मानसिकता नहीं बदल सकते, जो कट्टरपंथी है. इंदिरा गांधी भी ऐसा नहीं कर सकीं. पाकिस्तान की सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई नहीं करती है.2014 से अब तक 15 हजार 19 लॉन्ग टर्म वीजा पाकिस्तान से भारत आनेवाले अल्पसंख्यकों को दिया गया है.

बांग्लादेश पर भी जयशंकर ने दिया सबूत

वहीं, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हमले को लेकर भी जयशंकर ने चिंता जाहिर की. लोकसभा में एस जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में साल 2024 में 2400 मामले अल्पसंख्यकों पर हमले के मामले थे. इस साल यानी 2025 में 72 मामले हमले के हैं. हमलोग बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मसले पर करीब से नजर रखते हैं. हमने बांग्लादेश में अपने समकक्ष से भारत की चिंता से अवगत कराया है. बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार जाने के बाद से हिंदुओं को खूब टारगेट किया गया है.

साभार : न्यूज18

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