बलूच बलूचिस्तान की समाजसेविका महरंग का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने की कर रहे हैं तैयारी

क्वेटा. बलूचिस्तान की बेटी महरंग बलूच के खिलाफ शहबाज शरीफ की सरकार ने आतंकवाद की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जिसके बाद बलूचिस्तान में गुस्से की लहर फूट पड़ा है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की पुलिस ने बलूच यकजेहती समिति (BYC) की नेता महरंग बलूच के साथ साथ 150 बलूच स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ आतंकवाद की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इन लोगों के खिलाफ शवों को मुर्दाघर से जबरदस्ती ले जाने, हिंसा भड़काने के मुकदमे भी दर्ज किए गये हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक महरंग बलूच पर आरोप लगाया गया है कि इन्होंने मुर्दाघर पर धावा बोलकर जाफर एक्सप्रेस हमले के दौरान मारे गये पांच लोगों के शवों को अपने साथ ले गये। जबकि बलूचों का कहना है कि इन लोगों को पाकिस्तान की सेना ने मार डाला है।

डॉन ने बताया है कि 22 मार्च को सरियाब पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई FIR में आतंकवाद विरोधी अधिनियम (ATA) और पाकिस्तान दंड संहिता (PPC) की विभिन्न धाराओं के तहत महरंग बलूच और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गये हैं। डॉन के मुताबिक इन लोगों के खिलाफ लगाए गये आरोपों में आतंकवाद, हत्या और हत्या का प्रयास, हिंसा और विद्रोह को भड़काना, अव्यवस्था पैदा करना और नस्लीय घृणा को बढ़ावा देना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गये है। यानि शहबाज सरकार किसी भी हाल में इन्हें जेल से बाहर निकलने नहीं देना चाहती है।

महरंग बलूच मामले को यूनाइटेड नेशंस ले जाएंगे बलूच

इस FIR में बीबो बलूच, गुलजादी सतकजई, सबीहा बलूच, सबतुल्लाह बलूच, गुलजार दोस्त, रियाज गशकोरी और शाली बलूच सहित कई अन्य प्रमुख BYC नेताओं का भी नाम है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने शनिवार सुबह महरंग बलूच के साथ साथ अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर उन्हें सार्वजनिक व्यवस्था (एमपीओ) अध्यादेश की धारा 3 के तहत क्वेटा जिला जेल में डाल दिया है। लेकिन रविवार को इंटरनेशनल लीगल एक्सपर्ट्स ने कहा है कि बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) की नेता डॉ. महरंग बलूच की गिरफ्तारी के खिलाफ यूनाइटेड नेशंस में मुकदमा किया जाएगा। वरिष्ठ कानूनी सलाहकार और प्रिजनर्स डिफेंडर्स एशिया के डायरेक्टर कुर्तुलुस बस्तिमार ने महरंग बलूच की गिरफ्तारी को अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि डॉ. महरंग बलूच के मामले को संयुक्त राष्ट्र निकाय में पेश करने के लिए आधिकारिक तौर पर प्राधिकरण प्राप्त कर लिया है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि “पाकिस्तान सरकार ने महरंग बलूच को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। मैं जल्द ही इस मामले पर औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र में एक याचिका प्रस्तुत करूंगा।” इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि महरंग बलूच के साथ किसी को बातचीत नहीं करने दी जा रही है। उनके साथ कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। और ऐसी अवस्था में उन्हें हिरासत में रखना, कानूनी सहायता मुहैया नहीं करवाना, पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों का उल्लंघन है। आपको बता दें कि महरंग बलूच उस वक्त सुर्खियों में आई थीं जब बलूचिस्तान में बलूचों की होने वाली हत्याएं और उन्हें गायब किए जाने के खिलाफ दिसंबर 2023 में उन्होंने प्रदर्शन किया था। उस दौरान उन्होंने लॉन्ग मार्च निकाला था, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। महरंग बलूच ने अपने प्रदर्शन के दौरान बलूचिस्तान के तुर्बत से इस्लामाबाद तक 1600 किलोमीटर तक का मार्च निकाला था, जिसमें हजारों बलूच महिलाओं और बलूच के लोगों ने हिस्सा लिया था।

साभार : नवभारत टाइम्स

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