नव संवत्सर कार्यक्रम के संदर्भ में श्रीमद्भगवदगीता वैदिक न्यास समिति की बैठक हुई सम्पन्न

लखनऊ. श्रीमद्भगवदगीता वैदिक न्यास कानपुर प्रान्त द्वारा स्वरूप नगर स्थित होटल हेरिटेज में आज दिनांक 5.3.2025 को आगामी 30 मार्च 2025 को राधा कृष्ण मन्दिर (जे0 के0 टेम्पल) पाण्डु नगर में होने वाले, भव्य भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत 2082 के अवसर पर भारतीय नववर्ष का स्वागत बडे़ उत्साह एवं हर्षोउल्लास के साथ, उत्सव के रूप में मनाने तथा शहर की न्युनतम छः स्थानों से आने वाली गीता संदेश यात्रा के समागम पर महोत्सव के रूप में आयोजन हेतु एवं ख्यातिलब्ध महान संतो एवं विद्यवतजनों की ज्ञान गंगा का आस्वादन हेतु तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक आनन्देश्वर धाम परमट, सिद्वनाथ धाम, जाजमऊ, पनकी धाम तथा बिठूर एवं नवागंज स्थित दण्डीबाड़ा से संत – महंत एवं विद्यतजन उपस्थित रहे।

बैठक में डा0 उमेश पालीवाल ने उत्सव के आयोजन की उपयोगिता एवं तैयारी के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा कर, उपस्थित आयोजन समिति एवं सैकड़ो गीतानुरागियों के बीच गीता की उपयोगिता एवं नववर्ष पर अपने विचार व्यक्त करते हुये छात्रों एवं युवकों को गीता अध्ययन हेतु जागरूक किया। डा0 पालीवाल जी ने बताया कि 30 मार्च को राधा कृष्ण मन्दिर (जे0 के0 टेम्पल) होने वाले उत्सव में मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में माधवी लता, हैदराबाद की प्रसिद्व समाजसेवी एवं हिन्दू विचारक तथा अनेक संत भी उपस्थित रहेगें। विश्व हिन्दू परिषद पूर्वी उ0 प्र0 के संगठन मंत्री गजेन्द्र ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये भारतीय नववर्ष क्यो मनाया जाना चाहिये तथा उसके महत्व एवं प्रासंगितकता पर प्रकाश डाला।

नगर के तीनो सांसदो, समस्त विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर, पूरे प्रदेश में उत्सवपूर्ण वातावरण बनाने के लिये निवेदन करें ताकि हम सभी भारतीयों का नववर्ष का उत्साह जन- जन तक पहुचे। इसी क्रम में नगर के समस्त महाविद्यालयों, विद्यालयों में हिन्दू नववर्ष भव्यता के साथ मनाये जाने हेतु उप कुलपति, जिला विद्यालय निरिक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी से निवेदन किया गया। नगर के समस्त मन्दिरों में सजावट की जाये एवं नगर के लोग अपने निवास में सजावट करे तथा शुभ संकल्प ले, धार्मिक कार्य भी करें। नगर के विभिन्न संगठनों, प्रतिष्ठानों से अनुरोध है कि हिन्दू नववर्ष की शुभकामनां संदेशो को बैनर, होल्डिंग्स, एफ.एम, समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया के माध्यम प्रचारित- प्रसारित भी करें।

श्रीमद्भगवदगीता वैदिक न्यास जो आज एक जन आन्दोलन बनकर पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ सनातन की पताका को उत्तरोत्तर उचाईयों पर पहुचा रही है। अमरनाथ, संघ प्रचारक एवं संयोजक, हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था- पूर्वी क्षेत्र ने श्रीमद्भगवदगीता के महत्व एवं भारतीय नववर्ष की भूमिका एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला एवं विस्तारपूर्वक नववर्ष की वैज्ञानिकता पर अपने विचार व्यक्त कर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की जीवन में महत्ता पर अपना ओजस्वी उद्बोधन प्रदान किया। परमानन्द शुक्ल, महामंत्री ने कहा कि किस प्रकार श्रीमद्भगवदगीता की प्रेरणा और भगवान योगेश्वर के आशीर्वाद से प्रखर आध्यात्मि आन्दोलन की शुरूआत हुयी जो आज एक वटवृक्ष बनने की ओर अग्रसर है। बैठक में बालब्रम्हचारी चैतन्य अरूणपुरी महाराज ने नववर्ष की उपयोगिता एवं श्रीमद्भगवदगीता को जीवन में उतारने पर बल देकर कहा की गीता राष्ट्र की आवाज है। गीता भारत की आत्मा है।

बैठक में प्रमुख रूप से आनन्देश्वर परमट के मंहत स्वामी अरूण भारती, पनकी धाम के स्वामी जीतेन्द्र दास, राजीव महाना, हरविन्दर सिंह लार्ड, बलराम नरूला, राजेश कुकरेजा, अरूण पुरी, श्याम बाबू गुप्ता, डा0 अंगद सिंह, डा विवेक द्विवेदी, विक्की छाबड़ा, कमल त्रिवेदी, डा0 रोचना बिश्नोई, प्रेमचन्द अग्निहोत्री, डा0 यू.सी.सिन्हा, राजेन्द्र अवस्थी, के के शुक्ला, शिवसागर मिश्रा, अशोक तिवारी, तृषमूल मिश्रा, अखिलेश शुक्ला, आशुतोष दुबे, राजबहादुर पाल, श्रीकृष्ण दीक्षित, नवाब सिंह, अमित अग्रवाल, बृजमोहन सिंह, आलोक दुबे, विकास दुबे, सुरेन्द्र गेरा, सन्तोष शुक्ला, नीरज गुप्ता, सत्यम गुप्ता, आदि गीतानुरागी उपस्थित रहे।

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