डोनाल्ड ट्रंप ने भारतवंशी काश पटेल को बनाया एफबीआई का निदेशक

वाशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और भारतवंशी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. ट्रंप ने काश पटेल को खुफिया एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) का डायरेक्टर नियुक्त किया है. गुजरात से ताल्लुक रखने वाले काश पटेल डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी माने जाते हैं. पिछली सरकार के दौरान उन्होंने ISIS आतंकी संगठन और बगदादी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा, मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि काश पटेल फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई के अगले निदेशक के रूप में काम करेंगे. काश एक शानदार वकील, इंवेस्टिगेटर और ‘अमेरिका फर्स्ट’ वॉरियर हैं, जिन्होंने अपना करियर भ्रष्टाचार को उजागर करने, न्याय की रक्षा करने और अमेरिकी लोगों की रक्षा करने में बिताया है.

कौन हैं काश पटेल, गुजरात से है ताल्लुक?

काश पटेल का पूरा नाम कश्यप प्रमोद पटेल है. काश पटेल का परिवार मूल रूप से वडोदरा का रहने वाला है. काश पटेल के माता-पिता युगांडा में रहते थे. काश पटेल के माता-पिता 1970 के दशक में अमेरिका आए थे. काश पटेल का जन्म गार्डन सिटी न्यूयॉर्क में हुआ था. काश ने कानून की पढ़ाई की है. उन्होंने अमेरिका के रिचमंड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया. साल 2017 में इंटेलिजेंस पर हाउस पार्लियामेंट्री सेलेक्ट कमेटी के सदस्य बने. काश पटेल रिपब्लिकन पार्टी और ट्रंप के काफी करीबी माने जाते हैं.

काश पटेल ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट की नीति के बड़े सिपहसालार हैं. काश के पास आतंकियों से निपटने का अच्छा खासा अनुभव है. ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी काश पटेल को अहम जिम्मेदारियां सौंपी थी. उस समय काश ने आईएसआईएस, अल-बगदादी और कासिम अल-रिमी जैसे आतंकी संगठन को खात्मे में अहम भूमिका अदा की थी. इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी बंधकों को वापस स्वदेश लाने में अहम भूमिका निभाई थी. काश पटेल अमेरिका के मौजूदा रक्षा सचिव क्रिस्टोफर मिलर के चीफ ऑफ स्टाफ भी रह चुके हैं. अमेरिका में सीआईए के बाद FBI को बहुत शानदार खुफिया एजेंसी माना जाता है. एफबीआई अमेरिका में होने वाले सभी बड़े अपराधों की जांच करती है. काश पटेल का भारत से गहरा जुड़ाव है.

काश पटेल लेंगे क्रिस्टोफर रे की जगह

काश पटेल एफबीआई के मौजूदा डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे की जगह लेंगे. क्रिस्टोफर को ट्रंप ने ही 2017 में एफबीआई का डायरेक्टर नियुक्त किया था. मगर अब ट्रंप क्रिस्टोफर रे के कामकाज से खुश नहीं हैं. हालांकि यह पद 10 साल के कार्यकाल के लिए हैं. मगर गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ी जांच में जिस तरह से ट्रंप के खिलाफ कार्रवाई हुई, उससे वह नाराज हैं. ट्रंप के ऐलान के बाद काश पटेल ने एफबीआई में परिवर्तन करने की बात कही है. इससे पहले ट्रंप ने भारतवंशी जय भट्टाचार्य को अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ का डायरेक्टर नियुक्त किया था.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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