अमेरिका और ब्रिटेन ने हूती कट्टरपंथियों के 15 ठिकानों पर की भीषण बमबारी

तेल अवीव. इजरायल के खिलाफ लगातार उसके दुश्मन एक्शन में हैं। उन्हीं में से एक यमन के हूती विद्रोही हैं। लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में उसके दोस्त ब्रिटेन और अमेरिका उसकी मदद को आगे आ गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाओं ने शुक्रवार को यमन में ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों के 15 ठिकानों पर हमला बोला। हूती विद्रोहियों को कमजोर करने के लिए ऐसा किया गया है। उनके हथियार प्रणालियों, ठिकानों और अन्य उपकरणों पर हमला हुआ है।

अधिकारियों के मुताबिक सैन्य विमानों और युद्धपोतों ने हूती के लगभग पांच गढ़ों पर बम बरसाए। हूती मीडिया ने कहा कि एक प्रमुख बंदरगाह शहर होदेइदा में दो हवाई अड्डे और काथीब क्षेत्र में सात हमले हुए। काथीब में हूतियों के कंट्रोल वाला सैन्य अड्डा है। चार और हमले राजधानी सना के सेयाना इलाके में हुए और दो हमले धमार प्रांत में हुए। हूती मीडिया की ओर से सना के दक्षिण-पूर्व में बायदा प्रांत में तीन हवाई हमलों की जानकारी मिली है।

अमेरिकी नेवी के जहाजों पर हमला

अमेरिका या ब्रिटेन की ओर से हमने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। वहीं हूतियों की ओर से भी नहीं बताया गया कि इसमें कितना नुकसान हुआ है। यह हमले तब हो रहे हैं जब यमन के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी ड्रोन को हूतियों ने मार गिराया था और फिर इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान बढ़ाने की धमकी दी। पिछले सप्ताह समूह ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाकर किए गए हमले की जिम्मेदारी ली थी। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट्स के मुताबिक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के करीब से गुजर रहे तीन अमेरिकी जहाजों पर आधा दर्जन बैलिस्टिक मिसाइलें और एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और दो ड्रोन से हमला किया गया। सभी हमलों को नेवी ने नाकाम कर दिया।

हूती विद्रोहियों का जहाजों पर हमला

पिछले साल अक्टूबर में इजरायल और हमास के युद्ध की शुरुआत के बाद से हूतियों ने मिसाइलों और ड्रोन से 80 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों पर हमला किया है। उनका कहना है कि वह इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं। फिलिस्तीनियों के साथ समर्थन का यह एक तरीका है। हूती विद्रोहियों ने एक जहाज को हाईजैक कर लिया। वहीं दो को डुबो दिया। जहाजों पर हमले के अलावा हूतियों ने इजरायल पर सीधे मिसाइल से हमले की कोशिश की है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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