गरबा पंडाल में गैर हिंदुओं को रोकने के लिए पिलाया जायेगा गौ मूत्र

भोपाल. नवरात्र शुरू होने वाला है और पूरे देश में इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चारों ओर गरबा के लिए पंडाल लगाए जाने लगे हैं। गरबा की धूम अभी से ही देखने को मिलने लगी है। लोग गरबा की प्रैक्टिस के लिए विभिन्न-विभन्न क्लबों में जा रहे हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर इंदौर में भी इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। नवरात्र में गरबा के लोगों को आमंत्रित किया जाने लगा है। इसी बीच गरबा के आयोजन को लेकर भाजपा नेताओं के सामने कुछ अड़चनें भी आ रही हैं। इनमें से जो सबसे बड़ा मुद्दा है वह ये कि गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं को पंडाल में प्रवेश करने से कैसे रोका जाए। लेकिन इस समस्या का समाधान BJP के एक नेता ने ढूंढ भी लिया है। उन्होंने इसे रोकने के लिए गजब का तरीका खोज निकाला है।

बीजेपी जिला अध्यक्ष ने खोज निकाला तरीका

इंदौर बीजेपी जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने नवरात्रि पर्व पर आयोजित होने वाले गरबा महोत्सव में गैर हिंदुओं को रोकने के लिए अपना अनूठा आइडिया पेश किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि गरबा पंडाल में आने वाले हर व्यक्ति को गौमूत्र पिलाया जाएगा। इससे कौन हिंदू है और कौन गैर-हिंदू है, यह पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस तरीके से सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी।

“जो हिन्दू होगा, वह गौमूत्र आराम से पी लेगा”

इतना ही नहीं आगे चिंटू वर्मा ने कहा कि – जो भी व्यक्ति हिंदू होगा, उसे गौमूत्र पीने में कोई आपत्ति नहीं होगी। यह तरीका वहां भी कामयाब है, जहां व्यक्तियों के आधार कार्ड से पहचान करने में चूक हो जाती है। आधार कार्ड को एडिट भी किया जा सकता है। गैर हिन्दू युवक गरबा में आने के लिए तिलक भी लगवा लेते और हाथ पर कलावा भी बांध लेते हैं। लेकिन गौमूत्र ही एक ऐसा तरीका है, जिससे लोगों की असली पहचा हो जाएगी। बीजेपी जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने शहर के सभी गरबा आयोजकों से अपील की है कि वे गरबा में आने वाले सभी लोगों को गौमूत्र पिलाकर ही पंडाल में प्रवेश करने की अनुमति दें।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *