राहुल गांधी के रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को नाच-गाना बताने से संत हुए नाराज

नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए राहुल ने इस साल जनवरी में अयोध्या में हुए राम मंदिर (Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा समारोह को नाच-गाना करार दिया है। इसको लेकर साधु-संतों ने आक्रोश जताते हुए राहुल और कांग्रेस पर हमला बोला है। वहीं भाजपा नेता अपर्णा यादव ने भी गांधी परिवार को निशाने पर लिया है। राहुल गांधी ने हरियाणा में प्रचार के दौरान कहा, ‘राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जहां नाच-गाना हो रहा था। वहां अमिताभ बच्चन को बुला लिया। उद्योगपति अंबानी और अडानी को आमंत्रित किया गया था। वहां क्या आपने किसी बढ़ई को देखा? क्या किसी किसान को देखा? कोई मजदूर दिखा? नाच गाना चल रहा है। डांस हो रहा है। प्रेस वाले हाय-हाय कर रहे हैं।’

राम मंदिर के मुख्‍य पुजारी सत्‍येंद्र दास ने कहा, ‘कांग्रेस सरकार शुरू से नकार रही है कि राम नहीं हैं। उनका अस्तित्‍व नहीं है। तो उनके नेता तो ऐसा बोलेंगे ही। जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। प्राण प्रतिष्‍ठा को राहुल जी अगर नौटंकी बता रहे हैं तो उनकी ऐसी भावना रही होगी। उनकी दृष्टि में नौटंकी है, लेकिन भक्‍तों की नजर में प्राण प्रतिष्‍ठा हुई है। इसमें भगवान श्रीराम की बालक रूप में स्थापना हुई है।’ विश्व हिंदू प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम मीडिया इन्चार्ज शरद शर्मा ने राहुल गांधी की मानसिकता को विक्षिप्त करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी तो राम के अस्तित्व को ही नकारती है। ऐसी भाषा का प्रयोग दुखद है। वह विदेशी मानसिकता से ग्रस्त हैं। उनका इलाज आगरा में कराया जाना चाहिए और समाज ऐसे लोगों को दंड देने का कार्य करे।

अपर्णा यादव ने कहा कि वो खुद क्या कर रहे हैं ये पूरे देश को पता है। जिसने ऐसा बोला है उसने वह कार्यक्रम देखा ही नहीं। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद खुद सबके ऊपर फूल छिड़के। एक एक व्यक्ति से मिलकर आए। जिसने यह बोला है उनके घर में खुद ही 3-3 प्रधानमंत्री रहे हैं। क्या उन लोगों ने ऐसा कभी किया है। उन्होंने खुद सनातन को खत्म करने का काम किया है। राहुल जी को माफी मांगनी चाहिए। उन्हें प्रधानमंत्री या रामलला पर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

साभार : नवभारत टाइम्स

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