मुस्लिमों पर लगा था पथराव व आगजनी का आरोप, पुलिस ने दोनों पक्षों को किया गिरफ्तार

बेंगलुरु. कर्नाटक के मांड्या में गणेश विसर्जन के दौरान हिन्दू पक्ष ने मुसलमानों पर हमले का आरोप लगाया। इस दौरान जमकर पथराव और फायरिंग हुई है। पथराव में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। हिन्दू पक्ष ने मुसलमानों पर अपनी कई दुकानों और वाहनों को आग के हवाले करने का आरोप भी लगाया। हिंदू पक्ष का आरोप है कि मुस्लिम युवक तलवार लेकर आ गए और धमकाने का प्रयास किया। पुलिस ने तलवारें भी जब्त की थीं।

घटना नागमंगला टाउन पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है। बदरीकोप्पल में गणेश प्रतिमा को भव्य तरीके से निकाला गया था। इस दौरान मैसूर रोड पर दरगाह के पास पथराव हुआ। इसका आरोप मुस्लिम युवकों पर लगा है। हिंदू पक्ष का कहना है कि ये घटना उस वक्त हुई। जब गणपति विसर्जन का जुलूस निकला जा रहा था। इस दौरान मुस्लिम युवकों ने पथराव किया। हिंदू पक्ष का कहना है कि उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई हो। पिछले साल भी इसी दरगाह के सामने दंगा हुआ था।

मामले को लेकर एसपी मल्लिकार्जुन बालदंडी ने कहा, “हालात अभी पूरी तरह काबू में है। एडीशनल फोर्स तैनात की गई है। पूरे इलाके में निगरानी रखी जा रही है। अभी तक 52 लोगों को अरेस्ट किया है। 7 केस दर्ज हुए हैं। कुछ लोगों के पेरेंट्स ने पुलिस स्टेशन आकर शिकायत की है कि बेगुनाहों को अरेस्ट किया गया है। हम वेरिफाई कर रहे हैं। पूरी घटना कैसे हुई, वो बताया है। इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या ये सब प्री प्लांड था या नहीं?”

स्थिति सामान्य, दुकानें खुलीं

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि हिंसा के बाद इलाके में 48 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया था और अब स्थिति काबू में है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति के मद्देनजर 14 सितंबर तक इलाके में चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाने का आदेश लागू किया गया है। मांड्या के पुलिस सुपरिटेंडेंट मल्लिकार्जुन बलदंडी ने कहा कि हमने बुधवार की घटना के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थिति अब सामान्य हो गई है। लोग अपने दैनिक कामकाज कर रहे हैं। दुकानें खुली हैं। हमने कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस के अतिरिक्त बल के साथ-साथ सादी वर्दी में अन्य पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया है।”

साभार : टीवी9 भारतवर्ष, इंडिया टीवी

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