भ्रष्टाचार के आरोपी दो सरकारी अधिकारियों के सुसाइड से हडकंप

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में 24 घंटे के भीतर दो सरकारी अधिकारियों ने आत्महत्या कर ली है. पहला मामला गाजियाबाद का है, जहां प्रवर्तन निदेशाल के एक अधिकारी ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. वहीं अलीगढ़ में एक डाक अधीक्षक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. दोनों ही अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप थे. पुलिस दोनों ही मामलों की जांच कर रही है.

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन ट्रैक पर ईडी के अधिकारी आलोक रंजन का शव 18 अगस्त को रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला. उन्होंने ट्रेन से कटकर की आत्महत्या की है. भ्रष्टाचार के मामले में आलोक रंजन पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था. इसी महीने 7 अगस्त को ईडी के एक अधिकारी संदीप सिंह को 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए दिल्ली के लाजपत नगर से सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. CBI से मुंबई के एक ज्वैलर ने शिकायत कर बताया था कि कुछ महीने पहले उसके यहां ED की रेड पड़ी थी. इस रेड के बाद ED ने उसके बेटे से पूछताछ की थी.

सीबीआई ने FIR में किया था अलोक रंजन का जिक्र

आरोप है कि ED बेटे को गिरफ्तार कर सकती थी तो सहायक निदेशक संदीप सिंह ने बेटे को गिरफ्तार नहीं करने के एवज में 50 लाख रुपए की मांग की थी. जिसे 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया जिस ज्वेलर के यहां रेड की थी. संदीप सिंह भी उस टीम का हिस्सा थे. इसके बाद CBI ने जब घूस लेने को लेकर संदीप सिंह से पूछताछ शुरू की तो आलोक कुमार रंजन का नाम भी सामने आया. CBI ने अपनी FIR में आलोक रंजन के नाम का भी जिक्र किया. आलोक रंजन इसी बात से परेशान चल रहे थे. ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कार्रवाई के डर से उन्होंने सुसाइड कर लिया है.

उधर, अलीगढ़ में डाक अधीक्षक ने गोली मारकर की आत्महत्या कर ली है. डाक अधीक्षक ने अपने घर में रखे लाइसेंसी रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटना के वक्त वह घर में अकेले थे. गोली की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और मामले की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है. पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. सुसाइड नोट में कई लोगों का नाम सामने आया है.

डाक अधीक्षक पर था रिश्वत मांगने का आरोप

अलीगढ़ के सुरक्षा विहार कॉलोनी के निवासी डाक अधीक्षक त्रिभुवन प्रसाद सिंह ने सुसाइड नोट आरोप लगाए हैं कि “ये लोग लम्बे समय से परेशान करने के उद्देश्य से उनपर अनियमित कार्य करने का दबाव बना रहे थे. जिसके चलते उनके द्वारा गलत काम ना करने की बात कही गई तो उन पर गलत शिकायत करते हुए दबाव बनाए जा रहे हैं. इस कारण वह मानसिक दबाव में है. जिस वजह उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की.” पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

डाक अधीक्षक त्रिभुवन प्रसाद सिंह 16 दिसंबर 2021 से बुलंदशहर के प्रधान डाकघर में अधीक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे. आरोप है एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने डाक अधीक्षक पर यात्रा भत्ता बिल स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर डाक विभाग के दिल्ली मुख्यालय में डाक अधीक्षक की शिकायत की थी. इसी सिलसिले में विजिलेंस की टीम जांच के लिए दिल्ली से बुलंदशहर के डाकघर आई थी. इसके बाद से ही त्रिभुवन तनाव में चल रहे थे. बुधवार सुबह उन्होंने अपने कमरे में घटना को अंजाम दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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