हाथरस हादसे में आयोजकों व सेवादारों पर एफआईआर, फिलहाल बाबा का नाम नहीं

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे के फुलरई गांव में मंगलवार को सत्संग में हुए बड़े हादसे से 121 लोगों की मौत हो गई. यहां साकार हरि बाबा का सत्संग चल रहा था. भोले बाबा फरार हैं और पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है.  सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई. अब इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर के मुताबिक 80 हजार लोगों की अनुमति के बाद ढाई लाख लोग सत्संग में शामिल हुए.

आयोजकों ने संख्या प्रशासन से छुपाकर भीड़ बुलाई. एफआईआर के मुताबिक आयोजकों ने साक्ष्य भी छुपाए. सूत्रों के अनुसार हाथरस मामले में बाबा का नाम fir में जल्द जोड़ा जा सकता है.  या पुलिस एक और fir भी बाबा को नामजद करते हुए दर्ज कर सकती है.

हाथरस हादसे में एफआईआर

हाथरस हादसे में एफआईआर दर्ज की गई है. इसके मुताबिक 80 हजार लोगों की अनुमति मांगी गई थी जबकि लोगों की संख्या करीब ढाई लाख थी. आरोप है है कि भीड़ जब दब रही थी तब सेवादारों और आयोजको ने डंडों से जबरदस्ती रोका.  भगदड़ के दौरान आयोजक और सेवादारों ने कोई सहयोग नहीं किया. Fir के अनुसार ढाई लाख की भीड़ महत्वपूर्ण है कि बाबा को नामजद नहीं किया गया है. सभी सेवादारों ने डंडों से जबरदस्ती रोका है.

लगी हैं ये धाराएं

1 Sections (धारा (एँ)) भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 105 2 भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 3 110 भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 126(2) 4 भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 5 223 भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 238

हाईकोर्ट को चिठ्ठी

हादसे को लेकर हाईकोर्ट को चिठ्ठी लिखी गई है.  चीफ जस्टिस को लेटर पिटीशन भेजा गया है. हादसे की सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की गई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है.

साभार : जी न्यूज

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