भारत मुसलमानों के लिए सऊदी अरब से ज्यादा सुरक्षित : अब्दुल सलाम

विशाखापत्तनम. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पहली लिस्ट में इकलौते उम्मीदवार अब्दुल सलाम ने मुसलमानों को लेकर कहा है कि वह अंधेरे में जी रहे हैं और जरूरी है कि उन तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों की रोशन पहुंचे. उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं क्योंकि यहां उन्हें बहुत आजादी है, उन्हें अपनी धार्मिक भावनाओं को दर्शाने की आजादी है. अब्दुल सलाम को बीजेपी ने केरल की मल्लापुरम सीट से उम्मीदवार बनाया है.

एक चैनल के साथ इंटव्यू में अब्दुल सलाम ने कहा कि मल्लापुरम के मुस्लिम अल्पसंख्यकों को सालों से गुमराह किया जा रहा है और वह अंधकार में जी रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य मुसलमानों के अंधेरे में पीएम मोदी के विकास की रोशनी को ले जाना है. पीएम मोदी ने मुसलमानों और ईसाइयों के विकास के लिए बहुत समय और पैसा खर्च किया है. अब्दुल सलाम ने आगे यह भी कहा कि अल्पसंख्यक भारत में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. भारतीय मुसलमानों के लिए सऊदी अरब से ज्यादा सबसे सुरक्षित जन्नत देश में है. उन्हें यहां हर तरह की आजादी है, जो वह करना चाहते हैं कर सकते हैं. उन्हें अपनी धार्मिक भावनाओं को जाहिर करने की आजादी है और उनके पास यहां लोकतांत्रिक आजादी है.

अब्दुल सलाम ने कहा कि सालों से पीएम मोदी को लेकर गलत जानकारी मुसलमानों के बीच फैलाई जा रही है, जिस वजह से उन्हें सच का पता नहीं है और वह अंधेरे में हैं. उन्होंने मदरसों का जिक्र करते हुए कहा कि मल्लापुरम के मुसलमानों के पास छोटा सा धार्मिक नेटवर्क है और उन्हें मदरसों द्वारा गाइड किया जाता है. वह एक अलग समय में जी रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य है कि पीएम मोदी की ओर से विकास के लिए किए गए कामों को मुसलमानों तक पहुंचाया जाए और उन तक विकास की रोशनी को ले जाया जाए.

बीजेपी ने पहली लिस्ट में 16 राज्यों की 195 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है. पहली लिस्ट में एम अब्दुल सलाम का भी नाम है. अब्दुल सलाम लिस्ट में इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार हैं. पार्टी ने उन्हें केरल की मल्लापुरम सीट से मैदान में उतारा है. अब्दुल सलाम कलिकट यूनिवर्सिटी (CU) के पूर्व वाइस चांसलर हैं. बीजेपी दूसरी बार उन्हें चुनाव लड़वाने जा रही है. साल 2021 में पार्टी ने उन्हें केरल विधानसभा चुनाव में मल्लापुरम की तिरुर विधानसभा सीट से उतारा था. हालांकि, वह जीते नहीं थे. वाइस चांसलर से पहले सलाम प्रोफेसर थे और केरल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में कृषिविज्ञान विभाग के हेड थे.

साभार : एबीपी न्यूज

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