गैंगस्टर प्रिंस खान धनबाद बुलडोजर कार्रवाई: वासेपुर में पुलिस का बड़ा एक्शन; विधायक-सांसद को धमकी के बाद गरमाई सियासत

धनबाद । रविवार, 5 जुलाई 2026

झारखंड के धनबाद जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। वासेपुर के कमर मकदूमी इलाके में छिपे संगठित अपराध के साम्राज्य पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। शनिवार को न्यायालय के आदेश के बाद, धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार के निर्देश पर कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान (हैदर अली) के अवैध रूप से निर्मित घर को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए तीन डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर प्रकाश सोय, सीसीआर डीएसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य) और छह थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर मुस्तैद रही। पूरे ध्वस्तीकरण की बकायदा वीडियोग्राफी भी कराई गई।

विधायक और सांसद को धमकी के बाद तेज हुई कार्रवाई

यह बड़ी पुलिसिया कार्रवाई उस वक्त और तेज हो गई जब हाल ही में निरसा क्षेत्र से भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी को इस भगोड़े गैंगस्टर की ओर से कथित तौर पर धमकी भरा संदेश मिला था। विधायक चटर्जी के अनुसार, प्रिंस खान ने एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर ऑडियो और वीडियो मैसेज भेजकर 5 करोड़ रुपये की भारी रंगदारी मांगी थी और पैसे न देने पर ‘सीधा रिजल्ट’ देखने की गंभीर चेतावनी दी थी। विधायक ने तत्काल इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी और धनबाद पुलिस से की और मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की।

ताजा अपडेट:

इस मामले में केवल विधायक ही नहीं, बल्कि धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो ने भी शनिवार को सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज खुलासा किया। सांसद ने बताया कि 1 जुलाई को दिल्ली प्रवास के दौरान और फिर शुक्रवार की शाम को उन्हें भी विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल के जरिए प्रिंस खान से जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और धनबाद पुलिस को लिखित शिकायत भेजी है।

वहीं दूसरी ओर, इस मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। विधायक अरूप चटर्जी ने निरसा थाने में एक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर गैंगस्टर प्रिंस खान के साथ-साथ भाजपा सांसद ढुलू महतो को भी नामजद अभियुक्त बनाया है। विधायक का आरोप है कि प्रिंस खान कथित तौर पर सांसद के इशारे पर ही रंगदारी का सिंडिकेट चला रहा है। हालांकि, सांसद ढुलू महतो ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ओछी राजनीति बताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि यह ध्वस्तीकरण पूर्व निर्धारित अदालती आदेश और सुरक्षा मानकों (बिना नक्शे के जर्जर मकान) के तहत किया गया है।

कौन है प्रिंस खान और कहाँ छिपा है इसका नेटवर्क?

प्रिंस खान का असली नाम हैदर अली है। वह कभी वासेपुर के नामी डॉन फहीम खान का भांजा और गुर्गा हुआ करता था। फहीम खान के जेल जाने के बाद उसने अपनी अलग राह चुनी और कोयला अंचल (धनबाद) में रंगदारी, हत्या, स्क्रैप कारोबार में लेवी और फायरिंग के दम पर अपना खौफ पैदा कर लिया।

  • दर्ज मामले: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रिंस खान पर हत्या, संगठित अपराध और जबरन वसूली के करीब 58 से 70 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह साल 2021 से लगातार फरार चल रहा है।

  • पाकिस्तान कनेक्शन: जांच एजेंसियों और खुफिया तंत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंस खान पहले दुबई और अब पाकिस्तान के बहावलपुर में बैठकर इंटरनेट और इंटरनेशनल वर्चुअल नंबर्स के जरिए भारत में अपने गैंग (स्लीपर सेल्स और शूटरों) को ऑपरेट कर रहा है।

इंटरपोल और प्रत्यर्पण (Extradition) की तैयारी

प्रिंस खान के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए झारखंड एटीएस (ATS), सीबीआई (CBI) और इंटरपोल (Interpol) मिलकर काम कर रहे हैं। इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं। धनबाद पुलिस की पहल पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के माध्यम से उसके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि उसे कानूनी कस्टडी में भारत लाया जा सके।

स्थानीय स्तर पर भी पुलिस ने पिछले 6 महीनों में प्रिंस खान गैंग के दो दर्जन से अधिक सक्रिय शूटरों और मददगारों को दबोचा है। हाल ही में धनबाद नगर निगम (DMC) ने भी प्रिंस खान के करीबी सहयोगी और स्क्रैप कारोबारी सैयद मोहम्मद आरिफ उर्फ गोल्डन के अवैध मैरिज हॉल को गिराने का नोटिस और 10 लाख का जुर्माना जारी किया था, जिससे इसके आर्थिक सिंडिकेट की कमर पूरी तरह टूट चुकी है।

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