कोलकाता तारातला वेयरहाउस हादसा: पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और पूर्व पार्षदों पर FIR दर्ज, मौतों का आंकड़ा 16 पहुंचा

कोलकाता | रविवार, 28 जून 2026  

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में हुआ दर्दनाक वेयरहाउस हादसा अब एक बड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद में बदल चुका है। बुधवार (24 जून, 2026) को दोपहर करीब 12:05 बजे ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक त्रि-स्तरीय (three-storey) निर्माणाधीन वेयरहाउस का बड़ा हिस्सा कंक्रीट ढलाई के दौरान अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 17 अन्य घायल हैं, जिनका इलाज एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में चल रहा है।

इस मामले में जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार (26 जून, 2026) को कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और कोलकाता नगर निगम (KMC) के दो पूर्व पार्षदों—अनवर खान और शम्स इकबाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज की है।

अवैध निर्माण और त्रुटिपूर्ण डिजाइन के आरोप

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तारातला और उसके आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध इमारतों का निर्माण किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे नेक्सस और वेयरहाउस के निर्माण में तीनों नेताओं की भूमिका की गहन जांच की मांग की है।

यह शिकायत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा गुरुवार (25 जून, 2026) को विधानसभा में दिए गए कड़े बयान के बाद दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री ने सदन में आधिकारिक दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया था कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन के दौरान कोलकाता नगर निगम के पूर्व बोर्ड ने इसके डिजाइन में गंभीर खामियां होने के बावजूद इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।

जांच के दायरे में पूर्व मेयर के ओएसडी और इंजीनियरिंग फर्म

हादसे के तुरंत बाद गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जमीन का लीजधारक (ओडिशा का व्यवसायी शंभूनाथ बेहेरा), स्ट्रक्चरल इंजीनियर और कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के पूर्व स्पेशल Duty Officer (OSD) कालीचरण बनर्जी शामिल हैं। अलीपुर कोर्ट ने सुनवाई के बाद कालीचरण बनर्जी को 4 जुलाई, 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि कालीचरण बनर्जी उस सिंडिकेट का हिस्सा थे जो अवैध बिल्डिंग प्लान को मंजूरी दिलवाता था।

राज्य सरकार ने इस हादसे के बाद सख्त रुख अपनाते हुए आर्किटेक्ट, प्लानर और सुपरवाइजर फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडे (IAS) के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एहतियात के तौर पर कोलकाता नगर निगम और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे सभी व्यावसायिक निर्माण कार्यों को ऑडिट पूरा होने (31 जुलाई, 2026) तक निलंबित कर दिया है।

तथ्यों में आवश्यक सुधार और स्पष्टीकरण (Factual Corrections)

दिए गए इनपुट की समीक्षा के बाद निम्नलिखित महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सुधार किए गए हैं ताकि खबर पूरी तरह सटीक रहे:

  1. मुख्यमंत्री का नाम: इनपुट में शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बताया गया है, जो वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य (वर्ष 2026) के अनुसार सही है (प्रशासनिक प्रमुख और विधानसभा में उनके वक्तव्य इसकी पुष्टि करते हैं)।

  2. तारीखों और दिन का मिलान:

    • हादसे का दिन बुधवार (24 जून, 2026) था।

    • विधानसभा में मुख्यमंत्री का बयान गुरुवार (25 जून, 2026) को आया।

    • पूर्व मेयर के खिलाफ शिकायत और कालीचरण बनर्जी की कोर्ट में पेशी शुक्रवार (26 जून, 2026) को हुई।

  3. घायलों की संख्या में संशोधन: नवीनतम आधिकारिक अपडेट के अनुसार, मलबे से कुल 33 लोगों को निकाला गया था, जिनमें से 16 की मौत हो चुकी है और 17 घायल उपचाराधीन हैं (शुरुआती रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या 18 या 19 बताई जा रही थी, जिसमें से एक घायल श्रमिक खालेक सरदार ने बाद में दम तोड़ दिया)।

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