जयपुर । शुक्रवार, 19 जून 2026
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 (Immigration and Foreigners Order, 2025) में ऐतिहासिक संशोधन के बाद, राजस्थान के छह सीमावर्ती जिलों में विदेशी नागरिकों और प्रवासी भारतीयों (OCI कार्डधारकों) की आवाजाही को लेकर नई और बेहद सख्त गाइडलाइंस प्रभावी हो गई हैं।
इस नए संशोधन का प्राथमिक उद्देश्य सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और अत्यधिक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा को अभेद्य बनाना है।
इन 6 जिलों के सीमावर्ती इलाके ‘प्रोटेक्टेड एरिया’ घोषित
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, राजस्थान के छह प्रमुख सीमावर्ती जिलों के उन क्षेत्रों को ‘प्रोटेक्टेड एरिया’ (संरक्षित क्षेत्र) घोषित किया गया है जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल नजदीक (Zero Line) स्थित हैं। इन जिलों की सूची इस प्रकार है:
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जैसलमेर (Jaisalmer)
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बाड़मेर (Barmer)
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बीकानेर (Bikaner)
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श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar)
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फलोदी (Phalodi)
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जालोर (Jalore)
महत्वपूर्ण नियम: इन चिन्हित ‘प्रोटेक्टेड एरिया’ के भीतर किसी भी विदेशी नागरिक या ओसीआई (OCI) कार्डधारक को बिना पूर्व विशेष अनुमति या आधिकारिक परमिट के प्रवेश करने, वहां ठहरने या यात्रा करने की सख्त मनाही होगी।
विश्लेषण
इस नए सरकारी आदेश को पढ़ते समय कुछ महत्वपूर्ण बारीकियाँ और सुधार जानना आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे:
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ऐतिहासिक बदलाव (OCI पहली बार शामिल): पूर्व में लागू नियमों में केवल विदेशी पासपोर्ट धारक पर्यटकों पर ही प्रतिबंधात्मक नियम लागू होते थे। लेकिन राजस्थान सीमावर्ती जिला ओसीआई नियम 2025 के तहत इतिहास में पहली बार OCI (Overseas Citizen of India) कार्डधारकों को भी इस सुरक्षा दायरे में शामिल किया गया है। इसका अर्थ यह है कि भारतीय मूल के वे नागरिक जो विदेशों में बस चुके हैं, उन्हें भी इन संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने के लिए विदेशी नागरिकों की तरह ही विशेष मंजूरी लेनी होगी।
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फलोदी और जालोर का नया प्रशासनिक वर्गीकरण: हाल के वर्षों में राजस्थान के प्रशासनिक मानचित्र में हुए बदलावों के बाद, फलोदी और जालोर (जिसमें सांचौर का क्षेत्र भी शामिल है) के सीमावर्ती प्रभाव वाले क्षेत्रों को भी इस सुरक्षा ग्रिड में स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है, जिससे तकनीकी या कानूनी खामियों की गुंजाइश खत्म हो सके।
पर्यटन और आम जनजीवन को बड़ी राहत: इन क्षेत्रों को मिली छूट
सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ, केंद्र और राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राजस्थान का प्रसिद्ध पर्यटन उद्योग और स्थानीय नागरिकों का आम जनजीवन इससे प्रभावित न हो। इसके लिए आदेश में व्यापक छूट (Exemptions) दी गई हैं:
1. मुख्य शहरों की शहरी सीमाएं (Urban Limits Exempted)
इन छह जिलों के मुख्य शहरों और कस्बों की नगरीय सीमाओं को इस प्रतिबंध से पूरी तरह बाहर रखा गया है। विदेशी और ओसीआई नागरिक बिना किसी परमिट के निम्नलिखित शहरों में आ-जा सकते हैं:
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श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, बीकानेर, फलोदी, बाप, पोकरण, जैसलमेर, बाड़मेर और सांचौर।
2. नेशनल हाईवे कॉरिडोर (National Highways Allowed)
बॉर्डर इलाके से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर सामान्य आवाजाही पर कोई विशेष रोक नहीं होगी। विदेशी नागरिक निम्नलिखित हाईवे का उपयोग कर यात्रा कर सकते हैं:
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नेशनल हाईवे 11 (NH-11)
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नेशनल हाईवे 62 (NH-62)
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नेशनल हाईवे 68 (NH-68)
3. जैसलमेर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल (Jaisalmer Tourism Buffer Zone)
जैसलमेर आने वाले लाखों पर्यटकों की सुविधा के लिए सबसे लोकप्रिय साइट्स को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इन पर्यटन स्थलों के मुख्य मार्गों और आसपास के 500 मीटर के दायरे में विदेशी सैलानी बिना किसी विशेष अनुमति के आ-जा और घूम सकेंगे:
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सम (Sam Sand Dunes), कुलधरा (Kuldhara Abandoned Village), लोद्रवा (Lodurva), अमरसागर, बड़ा बाग, अकल (Akal Wood Fossil Park), ऊँडा और खुहड़ी (Khuri)।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने के लिए परमिट कैसे लें? (FRRO Permission Process)
यदि कोई विदेशी नागरिक या OCI कार्डधारक अपने किसी निजी कार्य, शोध या विशिष्ट यात्रा के लिए इन 6 जिलों के प्रतिबंधित/संरक्षित गांवों या हिस्सों में जाना चाहता है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से अग्रिम अनुमति लेनी होगी।
परमिट प्राप्त करने के लिए आवेदन इन माध्यमों से किया जा सकता है:
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FRRO (Foreigners Regional Registration Officer / विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय)
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संबंधित जिले का जिला प्रशासन (District Administration / जिला कलेक्टर कार्यालय)
बिना वैध अनुमति के इन सुरक्षित जोन में प्रवेश करने पर ‘फॉरेनर्स एक्ट’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई और नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाएगा। वर्तमान में, राजस्थान के सीमावर्ती जिला प्रशासनों ने सुरक्षा बलों (BSF) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इन आदेशों का जमीनी अनुपालन शुरू कर दिया है।
प्रासंगिक लिंक्स और संदर्भ
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण खबरों को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए आप Matribhumi Samachar के इन विशेष विश्लेषणों को देख सकते हैं:
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भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों (जैसे PoK) की भू-राजनीतिक स्थिति और नागरिक अशांति को समझने के लिए पढ़ें: Behind the Unrest in Pakistan-Occupied Kashmir: The Economic Demands and Realities Shaping Muzaffarabad
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