महाराष्ट्र सियासत: क्या ‘ऑपरेशन टाइगर’ से फिर टूटेगी उद्धव की शिवसेना? जानें इन अटकलों का पूरा सच

मुंबई । मंगलवार, 16 जून 2026

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है जहाँ हर पल समीकरण बदल रहे हैं। साल 2022 में महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिरने और मूल शिवसेना के दो हिस्सों में बंटने के बाद, अब ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ (UBT) गुट में एक और बड़ी बगावत की अटकलें तेज हैं। इस राजनीतिक हलचल को ‘ऑपरेशन टाइगर’ (Operation Tiger) का नाम दिया जा रहा है।

दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के 9 लोकसभा सांसदों में से 7 सांसद और करीब 16 विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली असली शिवसेना के संपर्क में हैं। आइए समझते हैं कि इस सियासी खेल के पीछे की इनसाइड स्टोरी क्या है और दावों में कितनी सच्चाई है।

‘ऑपरेशन टाइगर’ चर्चा में क्यों आया? (The Genesis of Buzz)

इस पूरे घटनाक्रम ने तब तूल पकड़ा जब शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) कृपाल तुमाने ने मंगलवार को एक बड़ा दावा किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा:

“ऑपरेशन टाइगर के तहत शिवसेना (UBT) के 7 सांसदों के साथ हमारी बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह ठीक उसी तरह है जैसे अस्पताल में किसी ऑपरेशन से पहले जांच और रिपोर्ट तैयार होती है; अब बस डॉक्टर के साथ अंतिम तारीख तय होना बाकी है।”

इतना ही नहीं, महाराष्ट्र सरकार के राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने भी इन अटकलों को खारिज न करते हुए हिंट दिया कि बहुत जल्द साल 2022 जैसी एक और ‘राजनीतिक क्रांति’ देखने को मिल सकती है, जिसकी पूरी तैयारी गोपनीय ढंग से की जा रही है।

उद्धव ठाकरे की क्यों बढ़ी मुसीबत? (The Matrix of Missing MPs)

अफ़वाहों और दावों के बीच, उद्धव ठाकरे ने डैमेज कंट्रोल के लिए ‘मातोश्री’ में अपने लोकसभा सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। लेकिन इस बैठक ने पार्टी के भीतर की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए।

  1. फिजिकल मौजूदगी की कमी: पार्टी के कुल 9 सांसदों में से केवल 4 सांसद (अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल) ही व्यक्तिगत रूप से मातोश्री पहुंचे। 4 सांसदों ने वर्चुअली (ऑनलाइन) हिस्सा लिया, जबकि एक अन्य सांसद ने फोन पर बात की।

  2. संजय देशमुख की गुप्त मुलाकात: यवतमाल-वाशिम से यूबीटी सांसद संजय देशमुख मातोश्री की बैठक में व्यक्तिगत रूप से नहीं आए, लेकिन अगले ही दिन दिल्ली में शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात करते नजर आए। हालांकि जाधव ने इसे शैक्षणिक संस्थान से जुड़ा एक निजी काम बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गईं।

  3. 22 जून की अहम बैठक: इन घटनाक्रमों के बाद उद्धव ठाकरे ने अब 22 जून 2026 को मुंबई के ‘शिवालय’ दफ्तर में पार्टी के सभी विधायकों (MLAs) और विधान पार्षदों (MLCs) की एक आपातकालीन और बड़ी बैठक बुलाई है।

दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का गणित

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि उद्धव ठाकरे के सांसद पाला बदलना चाहते हैं, तो उन्हें कानूनी पेंच से बचना होगा।

  • लोक सभा में अयोग्यता (Disqualification) से बचने के लिए दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी भी गुट को मूल पार्टी के दो-तिहाई (2/3) सदस्यों का समर्थन चाहिए।

  • शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसद हैं। ऐसे में कानूनी रूप से अलग गुट बनाने या शिंदे गुट में विलय करने के लिए कम से कम 6 सांसदों का एक साथ आना अनिवार्य है। चर्चा है कि 5 सांसद पूरी तरह तैयार हैं और छठे सांसद को लेकर पेच फंसा हुआ है।

यूबीटी का पलटवार: ‘ऑपरेशन टाइगर’ बनाम ‘ऑपरेशन वुल्फ’

उद्धव गुट के सबसे मुखर नेता और सांसद संजय राउत ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज और बकवास करार दिया है। संजय राउत ने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा:

“हम सब असली टाइगर (बाघ) हैं। कोई कहीं नहीं जा रहा है। अगर वे ऑपरेशन टाइगर की बात कर रहे हैं, तो हम बहुत जल्द ‘ऑपरेशन वुल्फ’ (Operation Wolf) शुरू करेंगे। हमारे सभी सांसद और विधायक एकजुट हैं और जो लोग पार्टी तोड़ने का दावा कर रहे हैं, जनता उन्हें सबक सिखाएगी।”

वहीं दूसरी तरफ, पूर्व सांसद संजय निरुपम ने तंज कसते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी (उबाठा) पर से नेताओं और कार्यकर्ताओं का भरोसा उठ चुका है और साल 2029 तक यह पार्टी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

निष्कर्ष: साये की तरह पीछा करता 2022 का खौफ

भले ही शिंदे गुट इसे सार्वजनिक रूप से ‘ऑपरेशन प्रोग्रेस’ का नाम दे रहा हो और उद्धव गुट इसे महज अफवाह बता रहा हो, लेकिन मातोश्री का बार-बार बैठकें बुलाना और अपने जन-प्रतिनिधियों की गिनती करना यह साफ दर्शाता है कि 2022 की बगावत का खौफ आज भी उद्धव ठाकरे का पीछा कर रहा है। आने वाले मॉनसून सत्र (जो 22 जून से शुरू हो रहा है) से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में कोई बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।

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