विश्वासघात और धमकी: लखनऊ में जबरन धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग के दो मामलों से सनसनी

लखनऊ । मंगलवार, 9 जून 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दो अलग-अलग इलाकों (PGI और पारा) से जबरन धर्म परिवर्तन, ब्लैकमेलिंग और गंभीर प्रताड़ना के दो बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस दोनों ही मामलों में तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गहनता से जांच कर रही है।

मामला 1: SGPGI परिसर से युवती लापता, राखी का भरोसा तोड़ ‘सीरिया’ भेजने की धमकी

पहला मामला लखनऊ के प्रतिष्ठित एसजीपीजीआई (SGPGI) आवासीय परिसर क्षेत्र का है। यहाँ रहने वाले एक परिवार ने अपनी 21 वर्षीय बेटी के अचानक गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिजनों के अनुसार, युवती 21 मई 2026 को नौकरी के सिलसिले में तेलीबाग के बी-2 मार्केट गई थी, लेकिन उसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटी।

विश्वास जीतकर अश्लील तस्वीरें बनाने का आरोप

परिजनों ने ‘इरशाद अली’ नाम के एक युवक पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा करने का सीधा आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, इरशाद का पीड़ित परिवार के घर पहले से आना-जाता था। उसने परिवार का भरोसा जीतने के लिए रक्षाबंधन के दिन युवती से राखी भी बंधवाई थी।

आरोप है कि भाई का ढोंग करने के बाद उसने युवती को फोन पर प्रताड़ित करना और छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपी ने युवती की कुछ आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें भी बना लीं। जब परिवार और युवती ने इसका विरोध किया, तो उसने अश्लील तस्वीरें वायरल करने और युवती को ‘सीरिया’ भेजने की खौफनाक धमकी दी। इस मामले में पीजीआई के ही एक डॉक्टर पर भी आरोपी इरशाद की मदद करने का संगीन आरोप लगा है, जिसकी पुलिस तफ्तीश कर रही है।

मामला 2: पारा क्षेत्र में पहचान छिपाकर दोस्ती, फिर कलमा पढ़ने का दबाव

धर्मांतरण से जुड़ा दूसरा मामला लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक अन्य हिंदू युवती ने ‘जुबैर अंसारी’ और उसके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

शादी का झांसा और आर्थिक शोषण

पीड़िता का आरोप है कि जुबैर ने शुरुआत में अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाई और खुद को दूसरा नाम बताकर उससे दोस्ती की। बाद में उसने शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने चुपके से कुछ वीडियो बना लिए, जिनके दम पर वह युवती को लगातार ब्लैकमेल करने लगा। इस बीच युवती का भारी आर्थिक शोषण भी किया गया।

नमाज और कलमा पढ़ने का दबाव

युवती ने अपनी शिकायत में कहा है कि सच्चाई सामने आने के बाद जुबैर और उसके परिवार ने उस पर धर्म परिवर्तन करने, कलमा पढ़ने और नियमित रूप से नमाज अदा करने का मानसिक व शारीरिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब युवती ने अपनी संस्कृति और धर्म छोड़ने से साफ मना किया, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं।

पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी साक्ष्यों की जांच

दोनों ही मामलों की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। पीजीआई क्षेत्र में लापता युवती की तलाश के लिए पुलिस तेलीबाग और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है, जिसमें युवती की कुछ अंतिम गतिविधियां दर्ज पाई गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सोशल मीडिया चैट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उत्तर प्रदेश के कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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