डीके शिवकुमार का वीडियो: गजमाला से सेब खाकर भीड़ की तरफ उछाला, विपक्ष ने बताया ‘अहंकार और सामंती मानसिकता’

बेंगलुरु । मंगलवार, 9 जून 2026

कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। कनकपुरा के होराहल्ली में अपने हालिया दौरे के दौरान हुई इस घटना को लेकर इंटरनेट यूजर्स से लेकर विपक्षी पार्टी बीजेपी तक ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया है। इस वायरल वीडियो में डीके शिवकुमार को एक विशाल सेब की माला से फल तोड़कर, उसका एक टुकड़ा (बाइट) खाकर बाकी का हिस्सा नीचे खड़ी भीड़ की तरफ उछालते हुए देखा जा सकता है।

क्या है पूरा मामला और क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?

दरअसल, यह वाकया 7 जून, 2026 (रविवार) का है, जब सिद्धरमैया के इस्तीफे के बाद 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले डीके शिवकुमार पहली बार अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा के ‘कृतज्ञता यात्रा’ दौरे पर पहुंचे थे। होराहल्ली गांव में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपने चहेते नेता का स्वागत करने के लिए क्रेन की मदद से ताजे लाल सेबों और फूलों से बनी एक विशाल ‘गजमाला’ तैयार की थी।

वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि इस भारी-भरकम माला से मुख्यमंत्री ने दो बार सेब तोड़े, उनसे एक-एक बाइट ली और फिर उसे नीचे खड़े समर्थकों की ओर उछाल दिया।

जनता ने मांगा था ‘प्रसाद’ या मुख्यमंत्री का अहंकार?

सोशल मीडिया पर जहां इसे ‘सामंती सोच’ और ‘जनता का अपमान’ बताया जा रहा है, वहीं इस मामले में एक बड़ा अपडेट और सुधार सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों के अनुसार:

कार्यक्रम के दौरान नीचे खड़े कुछ समर्थकों ने खुद मुख्यमंत्री को एक ‘अतिमानव’ या भगवान तुल्य मानते हुए उस माला के सेब को ‘प्रसाद’ के रूप में देने का आग्रह किया था। शिवकुमार ने उसी भावना के तहत सेब का एक टुकड़ा खाकर उसे समर्थकों की तरफ बढ़ाया, जिसे लपकने के लिए कार्यकर्ताओं में होड़ मच गई।

हालांकि, आलोचकों का कहना है कि भले ही समर्थकों की मांग रही हो, लेकिन एक सार्वजनिक मंच से संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह आधा खाया हुआ (जूठा) फल फेंकना सार्वजनिक शिष्टाचार और स्वच्छता (हाइजीन) के मानकों के बिल्कुल विपरीत है।

बीजेपी (BJP) का तीखा हमला: ‘ये कांग्रेस की मानसिकता है’

इस वीडियो के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए लिखा:

“जिस जनता के वोटों से आप सत्ता में आते हैं, उसी जनता पर आधा खाया हुआ सेब फेंकना कोई मजाक नहीं है—यह कांग्रेस की सामंती मानसिकता का आईना है। सम्मान बातों से नहीं, व्यवहार से दिखता है। जनता किसी दान की नहीं बल्कि सम्मान की अपेक्षा करती है, और जब सम्मान की जगह अहंकार ले लेता है तो जनता भी उसका करारा जवाब देती है।”

जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया: ‘भोग’ बनाम ‘प्यार’

इस पूरे घटनाक्रम पर इंटरनेट यूजर्स की राय पूरी तरह दो धड़ों में बंट गई है:

  • आलोचकों का तर्क: एक यूजर ने लिखा, “भीड़ में आधा खाया हुआ, लार से सना सेब फेंकना और लोगों को उसे पाने के लिए झपटते हुए देखना बेहद शर्मनाक है। यह राजशाही और सामंती सोच का बचा-कुचा रूप है, जहां लोगों के साथ पालतू जानवरों जैसा बर्ताव किया जाता है।”

  • समर्थकों का तर्क: वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि यह केवल मुख्यमंत्री का अपनी जनता और कार्यकर्ताओं के प्रति स्नेह दिखाने का एक अनौपचारिक तरीका था। माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा था और कार्यकर्ताओं ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया।

घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण (Quick Reference Table)

विषय विवरण
मुख्य व्यक्ति डीके शिवकुमार (मुख्यमंत्री, कर्नाटक)
स्थान व समय होराहल्ली, कनकपुरा (रविवार, 7 जून, 2026)
विवाद का कारण गजमाला से सेब खाकर भीड़ की तरफ उछालना
विपक्ष का आरोप वीआईपी संस्कृति का अहंकार और सामंती सोच
समर्थकों का दावा कार्यकर्ताओं की मांग पर ‘प्रसाद’ स्वरूप दिया गया फल

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