गाजियाबाद: सूर्या हत्याकांड के बाद भड़काऊ बयान देने वाला पूर्व नेता मोहम्मद इमरान गिरफ्तार, भारी पुलिस बल तैनात

गाजियाबाद | रविवार, 7 जून 2026

गाजियाबाद का सीमावर्ती इलाका खोड़ा इन दिनों सुर्खियों में है। 17 वर्षीय छात्र सूर्या प्रताप चौहान की निर्मम हत्या के बाद से यहाँ का माहौल लगातार संवेदनशील बना हुआ है। हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी और ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इसी बीच, जुम्मे की नमाज के दौरान एक कथित भड़काऊ बयान देने के आरोप में स्थानीय नेता मोहम्मद इमरान को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस का एक्शन

विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर मोहम्मद इमरान का एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में इमरान को कथित तौर पर “किसी के बाप में दम नहीं, जो हमारी नमाज रोक दे” जैसी संवेदनशील और भड़काऊ टिप्पणी करते हुए सुना गया।

चूंकि सूर्या हत्याकांड के बाद से इलाके में पहले से ही धारा-144 जैसी पाबंदियां और अतिरिक्त सुरक्षा बल (PAC और RAF) मुस्तैद थे, इसलिए पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इस वीडियो का तुरंत संज्ञान लिया। माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए गश्त कर रही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया।

कौन है मोहम्मद इमरान? जानिए राजनीतिक पृष्ठभूमि

मोहम्मद इमरान खोड़ा और नवनीत विहार इलाके की स्थानीय राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा है। वह पहले समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़ा हुआ था और यहां नगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुका है। बाद में उसने सपा छोड़ दी थी। नगर पालिका चुनाव के दौरान उसने AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) से टिकट की दावेदारी पेश की थी, लेकिन टिकट न मिलने पर उसने निर्दलीय चुनाव लड़ा, जहां उसे हार का सामना करना पड़ा।

इस ताजा विवाद के सामने आते ही AIMIM के स्थानीय नेताओं ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि मोहम्मद इमरान का उनकी पार्टी से कोई आधिकारिक या सक्रिय संबंध नहीं है।

लेटेस्ट अपडेट: आखिर क्या था मुख्य विवाद? (सूर्या हत्याकांड)

शुरुआती अपूर्ण जानकारियों के उलट, पुलिस जांच और स्थानीय रिपोर्ट्स में इस पूरे मामले और इसके बाद हुए बड़े घटनाक्रमों को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानना जरूरी है:

  • हत्या की वजह: 17 वर्षीय सूर्या की हत्या केवल “बाइक चलाने के मामूली विवाद” तक सीमित नहीं थी। मुख्य आरोपी असद ने एक नई बाइक ली थी। रंजिश और विवाद के चलते बकरीद के दिन सूर्या को बहाने से फोन करके बुलाया गया, जहाँ असद, उसके पिता और अन्य दोस्तों ने मिलकर सूर्या पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इलाज के दौरान अस्पताल में सूर्या ने दम तोड़ दिया।

  • मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर: सूर्या की मौत के बाद जन आक्रोश को देखते हुए यूपी पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में मुख्य आरोपी असद को ढेर कर दिया गया, जबकि उसके अन्य साथियों को पुलिस पहले ही दबोच चुकी है।

  • अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर और सीलिंग एक्शन: सूर्या हत्याकांड के बाद यूपी प्रशासन ने खोड़ा इलाके में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से चल रहे 3 मदरसों (जैसे मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम और मदरसा सुल्तान अलारफीन) को सील कर दिया गया है और आरोपी असद के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले या सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।

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