महाराष्ट्र में धर्मांतरण: नागपुर की दरगाह में महिला को बंधक बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास, SIT गठित

नागपुर । शनिवार, 6 जून 2026

महाराष्ट्र में नासिक के बहुचर्चित टीसीएस (TCS) कॉर्पोरेट धर्मांतरण मामले और नागपुर में ही एनजीओ (फिकर फाउंडेशन) की आड़ में चल रहे धर्मांतरण रैकेट का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि प्रदेश से जबरन धर्म परिवर्तन कराने का एक और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। इस बार सनसनीखेज घटना नागपुर जिले की कामठी तहसील के अंतर्गत आने वाले कन्हान क्षेत्र स्थित मरियम अम्मा दरगाह से जुड़ी है, जहाँ पश्चिम बंगाल की एक हिंदू महिला का कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण कराने का प्रयास किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं और महाराष्ट्र पुलिस की एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर इस पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? कोलकाता की महिला ने बयां की आपबीती

जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली है। वह पिछले तीन-चार वर्षों से हर साल नागपुर के कन्हान स्थित मरियम अम्मा दरगाह में आयोजित होने वाले ‘उर्स’ (धार्मिक मेला) कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आती रही थी।

पीड़िता का आरोप है कि इस वर्ष अप्रैल में जब वह उर्स के सिलसिले में आई थी, तभी वहां दरगाह से जुड़े कुछ लोगों ने उस पर धर्म बदलने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। महिला के अनुसार:

  • बंधक और प्रताड़ना: 18 और 19 अप्रैल के बीच उसे एक स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया।

  • हिंसा और छेड़छाड़: जब उसने धर्म परिवर्तन करने से साफ इनकार कर दिया, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, छेड़छाड़ की गई और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

महिला किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर वापस कोलकाता भागने में सफल रही, जहाँ डरी-सहमी पीड़िता का पहले स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया और फिर उसने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

दमदम थाने में दर्ज हुई ‘जीरो एफआईआर’, नागपुर ट्रांसफर हुआ केस

चूंकि घटना सुदूर महाराष्ट्र के नागपुर जिले की थी और पीड़िता कोलकाता में थी, इसलिए कोलकाता के दमदम पुलिस स्टेशन में कानून के प्रावधानों के तहत तुरंत एक ‘जीरो एफआईआर’ (Zero FIR) दर्ज की गई।

Zero FIR क्या है?: आम तौर पर धारणा होती है कि अपराध जिस क्षेत्र में हुआ हो, एफआईआर केवल वहीं दर्ज हो सकती है। परंतु कानूनन, कोई भी पीड़ित व्यक्ति देश के किसी भी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकता है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो। ऐसी एफआईआर को बिना किसी सीरियल नंबर के ‘जीरो नंबर’ पर दर्ज किया जाता है और बाद में इसे संबंधित जांच वाले थाने को ट्रांसफर कर दिया जाता है।

कोलकाता पुलिस से जीरो एफआईआर प्राप्त होते ही नागपुर के कन्हान पुलिस स्टेशन ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर अपनी कार्रवाई तेज कर दी।

3 आरोपी गिरफ्तार; एसआईटी (SIT) खंगालेगी पूरा सिंडिकेट

नागपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्ष पोद्दार ने मीडिया को बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक विशेष पुलिस टीम को कोलकाता भेजा गया था, जिसने पीड़िता के पास जाकर उसके विस्तृत बयान दर्ज किए। बयानों के आधार पर हत्या के प्रयास, बंधक बनाने, छेड़छाड़ और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों में से 3 को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान:

  1. ताजी तनवीरुद्दीन कलीमुद्दीन (उम्र 52 वर्ष)

  2. ताजीन मुस्ताफिजुद्दीन तनवीरुद्दीन (उम्र 24 वर्ष)

  3. तेजस आनंद खोब्रागड़े (उम्र 24 वर्ष)

बाकी बचे 3 फरार आरोपियों (जिनमें दो महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं) की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने मौके से कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस दरगाह के जरिए पहले भी अन्य लोगों का जबरन धर्मांतरण कराया गया है। एसपी पोद्दार ने जनता से अपील की है कि यदि किसी और के साथ भी इस तरह की घटना हुई है, तो वे बिना डरे पुलिस से संपर्क करें।

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