गाजियाबाद विजयनगर होटल रश्मि मामला: बंद कमरे में मिला शव, हिरासत में आया परिचित युवक

गाजियाबाद । शुक्रवार, 5 जून 2026

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला अंतर्गत विजयनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के एक स्थानीय होटल के बंद कमरे में एक युवती का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस इस मामले की जांच हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों ही कोणों (angles) से कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

मृतका की पहचान माधोपुरा की रहने वाली रश्मि के रूप में हुई है, जो विजयनगर क्षेत्र के एक होटल में ठहरी हुई थी। गुरुवार को जब काफी देर तक रश्मि के कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और होटल स्टाफ के बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो होटल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।

मौके पर पहुंची विजयनगर पुलिस ने पाया कि कमरा अंदर से पूरी तरह लॉक था। किसी भी तरह की प्रतिक्रिया न मिलने पर पुलिस ने बलपूर्वक दरवाजा तोड़ा। कमरे के भीतर का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था, जहाँ रश्मि का शव फंदे से लटका हुआ था।

मौत से ठीक पहले की संदिग्ध मुलाकात

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में एक बेहद महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। होटल के रिकॉर्ड्स और पूछताछ से पता चला है कि घटना से कुछ ही समय पहले रश्मि से मिलने एक परिचित युवक होटल आया था। होटल कर्मियों के मुताबिक, उस युवक के जाने के बाद रश्मि को सामान्य स्थिति में देखा गया था, जिसके बाद वह अपने कमरे के अंदर चली गई। इसके कुछ देर बाद ही यह दर्दनाक घटना सामने आई।

इस संदिग्ध मुलाकात को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस परिचित युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि दोनों के बीच आखिरी वक्त में क्या बातचीत हुई थी।

सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। होटल परिसर और रश्मि के कमरे के गलियारे (corridor) में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पुलिस यह कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है कि युवक के जाने और रश्मि की मौत के बीच के समय में वास्तव में क्या परिस्थितियां बनीं।

एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा:

“शुरुआती जांच और कमरे के अंदर से बंद होने की स्थिति को देखते हुए यह मामला पहली नजर में आत्महत्या (Suicide) का प्रतीत होता है। हालांकि, पुलिस किसी भी जल्दबाजी में नहीं है। आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) के आरोप में एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मौत के असली कारणों की सटीक पुष्टि केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) आने के बाद ही हो पाएगी। विसरा रिपोर्ट और फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। माधोपुरा में युवती के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।

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