केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर ED की रेड: CMRL घोटाले में नया मोड़, जानिए क्या है पूरा मामला

तिरुवनंतपुरम । गुरुवार, 28 मई 2026

केरल की राजनीति में बीते बुधवार को उस समय भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ वामपंथी नेता पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई कोचीन Minerals and Rutile Limited (CMRL) और पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा टी (Veena T) की आईटी कंपनी एक्सालाॉजिक सॉल्यूशंस (Exalogic Solutions) के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर की गई है।

इस छापेमारी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के घर के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला, जहां वामपंथी दलों (CPI-M) के कार्यकर्ताओं ने ED के अफसरों और उनकी गाड़ियों को निशाना बनाया। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है, रेड के दौरान क्या हुआ और इस पर क्या ताजा अपडेट्स हैं।

CMRL और एक्सालाॉजिक सॉल्यूशंस घोटाला क्या है?

यह पूरा मामला मुख्य रूप से एक कथित वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) से जुड़ा है। आरोप है कि निजी खनन कंपनी Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) ने साल 2017 से 2020 के बीच पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा टी की बेंगलुरु स्थित आईटी फर्म, एक्सालाॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग $1.72$ करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया।

इनकम टैक्स अंतरिम सेटलमेंट बोर्ड (ITISB) और सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की जांच में यह सामने आया कि यह भुगतान मासिक आधार पर किया गया था, जबकि एक्सालाॉजिक सॉल्यूशंस द्वारा CMRL को कोई भी वास्तविक आईटी या कंसल्टेंसी सेवाएं नहीं दी गई थीं। केंद्रीय एजेंसियों का मानना है कि यह सीधे तौर पर कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और अवैध वित्तीय लाभ पहुंचाने का मामला है।

बुधवार को रेड के दौरान क्या हुआ?

केरल हाई कोर्ट द्वारा इस मामले में ED जांच पर रोक लगाने वाली CMRL की याचिका को खारिज किए जाने के ठीक एक दिन बाद, बुधवार (27 मई 2026) सुबह ED ने कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड सहित 12 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।

जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर रेड की खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता वहां इकट्ठा हो गए।

  • अधिकारियों पर हमला: जब जांच पूरी कर ED के अधिकारी सुरक्षाबलों के साथ घर से बाहर निकलने लगे, तो उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

  • गाड़ियों में तोड़फोड़: कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों की गाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं।

  • पुलिस के साथ झड़प: मौके पर भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए। इस झड़प में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।

  • पूर्व सीएम की अपील: हालात बिगड़ते देख खुद पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को घर से बाहर आकर अपने समर्थकों को समझाना पड़ा, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई।

ताजा कार्रवाई और गिरफ्तारियां

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने और केंद्रीय अधिकारियों पर हमला करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 8 वामपंथी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

मामले से जुड़े राजनीतिक समीकरण और प्रतिक्रियाएं

इस छापेमारी के बाद देश भर के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है:

  1. पिनाराई विजयन का राहुल गांधी पर तंज: रेड के बाद पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि “शायद अब राहुल गांधी को संतुष्टि मिल गई होगी।”

  2. अरविंद केजरीवाल का बड़ा आरोप: आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे कांग्रेस और बीजेपी के बीच की “सांठ-गांठ” करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस इस मामले में शिकायत दर्ज कराती है और फिर तुरंत केंद्रीय एजेंसी कार्रवाई करती है, जिससे दोनों की मिलीभगत साफ दिखती है।

  3. कांग्रेस की सफाई: केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री रमेश चेन्नीथला ने पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि इस कार्रवाई से कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने साफ किया कि ED ने राज्य सरकार से कोई सुरक्षा नहीं मांगी थी, बल्कि वे खुद अपने साथ केंद्रीय सुरक्षाबलों को लेकर आए थे।

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो आपको जानना जरूरी है

इस मामले से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स में कुछ भ्रामक जानकारियां सामने आ रही हैं, जिनका सही तथ्य जानना बेहद जरूरी है:

  • मुख्यमंत्री पद की स्थिति: कुछ शुरुआती सोशल मीडिया पोस्ट्स में पिनाराई विजयन को वर्तमान मुख्यमंत्री बताया जा रहा है, जबकि वह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री हैं।

  • बेटी का निवास स्थान: यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ED की टीम उनकी बेटी वीणा टी के वित्तीय मामलों की जांच के सिलसिले में ही पूर्व मुख्यमंत्री के घर पहुंची थी, क्योंकि वह उसी परिसर का हिस्सा हैं, और एजेंसी इस मामले में उनके बयान भी दर्ज कर रही है।

  • सुरक्षा व्यवस्था का भ्रम: यह आरोप लगाया जा रहा था कि राज्य पुलिस ने ED को सुरक्षा नहीं दी, लेकिन हकीकत यह है कि ED अपनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षाबलों (Central Forces) को साथ लेकर आई थी और स्थानीय पुलिस बाद में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात की गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *