नाबालिग से दरिंदगी: प्यार का झांसा देकर दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाला आरोपी शाहिद गिरफ्तार

नई दिल्ली । शुक्रवार, 22 मई 2026 

देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के खजूरी खास इलाके से एक बेहद विचलित और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 30 वर्षीय युवक ने अपने ही पड़ोस में रहने वाली 13 साल की नाबालिग किशोरी को अपनी बातों के जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस घिनौने कृत्य का वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार पीड़िता का यौन शोषण करता रहा। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शाहिद को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

इंस्टाग्राम से शुरू हुआ था संपर्क

मिली जानकारी के मुताबिक, 13 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ खजूरी खास इलाके में रहती है। करीब एक महीने पहले ही उसका परिवार इसी इलाके के दूसरे मोहल्ले में शिफ्ट हुआ था। पुलिस में दर्ज कराई गई प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) के अनुसार, पीड़िता जिस मकान में पहले किराए पर रहती थी, उसी मकान में 30 साल का आरोपी शाहिद अपनी बहन के साथ रहता था। पड़ोसी होने के नाते शाहिद और उसकी बहन का पीड़िता के घर आना-जाना अक्सर लगा रहता था।

इसी दौरान आरोपी शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर पीड़िता को मैसेज भेजकर दोस्ती और प्यार का इज़हार किया। नाबालिग होने के कारण पीड़िता उसकी बातों और झांसे में आ गई और दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी।

कारखाने में ले जाकर किया दुष्कर्म, बनाया वीडियो

पीड़िता का आरोप है कि एक दिन आरोपी शाहिद उसे बहला-फुसलाकर पहले अपने एक दोस्त के घर और फिर बाद में एक सुनसान कारखाने में ले गया। वहाँ आरोपी ने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस घिनौने काम के दौरान आरोपी ने चुपके से अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसी वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी ने पीड़िता को डराना और धमकाना शुरू कर दिया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो वह वीडियो इंटरनेट पर डाल देगा। लोक-लाज और डर के मारे पीड़िता चुप रही, जिसका फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा।

दोस्तों के सामने गलत काम का दबाव बनाने पर खुला राज

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की प्रताड़ना और बढ़ गई। पीड़िता के अनुसार, आरोपी शाहिद ने हदें पार करते हुए उसे अपने दोस्तों के सामने भी गलत काम करने के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया। इस मानसिक और शारीरिक दबाव को न झेल पाने के कारण पीड़िता टूट गई और उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई।

बेटी की दर्दभरी दास्तान सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद वे तुरंत न्याय की गुहार लेकर खजूरी खास थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पोक्सो सहित कड़े कानून के तहत आरोपी गिरफ्तार

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बिना देरी किए पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपी शाहिद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं, आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation), आईटी एक्ट (IT Act) और सबसे महत्वपूर्ण ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी शाहिद को खजूरी खास इलाके से ही दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी का मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर मामले की आगे की छानबीन कर रही है ताकि कोर्ट में कड़े सबूत पेश किए जा सकें।

विश्लेषण 

इस प्रकार की घटनाएं समाज में सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और बच्चों की काउंसलिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इस केस के संदर्भ में निम्नलिखित सुधारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:

  1. डिजिटल साक्षरता और निगरानी: माता-पिता को अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों (जैसे इंस्टाग्राम, स्नैपचैट) पर दोस्ताना नजर रखनी चाहिए, ताकि समय रहते यह जाना जा सके कि बच्चा किसी गलत व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं है।

  2. सहमति का कानून: पोक्सो कानून (POCSO Act) के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामलों में ‘सहमति’ (Consent) का कोई कानूनी आधार नहीं होता। अगर कोई बालिग किसी नाबालिग को प्यार का झांसा भी देता है, तो भी वह कानूनन सख्त सजा का हकदार है।

  3. पहचान की गोपनीयता: सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसी घटनाओं में पीड़िता का नाम, उसकी फोटो, स्कूल का नाम या गली-मोहल्ले का सटीक विवरण साझा करना कानूनन अपराध है। समाज और मीडिया दोनों को इस संवेदनशीलता का सम्मान करना चाहिए।

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