बिहार के मठ-मंदिरों में अब रोज गूंजेंगे मां गंगा के जयकारे; गंगा दशहरा से हर शाम होगी भव्य आरती

पटना । बुधवार, 20 मई 2026

बिहार की पावन धरती और यहाँ से होकर गुजरने वाली पतित-पाविनी मां गंगा के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद सुखद और एतिहासिक खबर है। राज्य में गंगा नदी के तट पर स्थित सभी प्रमुख मठ और मंदिरों में अब प्रत्येक शाम वाराणसी और हरिद्वार की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय ‘बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद’ द्वारा लिया गया है।

धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने इस संबंध में राज्य के सभी संबद्ध मठ-मंदिरों के महंतों, न्यासधारियों, न्यास समिति के सदस्यों और प्रबंधकों को दिशा-निर्देश और पत्र भेजना शुरू कर दिया है।

25 मई ‘गंगा दशहरा’ से होगी शुरुआत

प्रो. रणवीर नंदन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महा-अभियान की विधिवत शुरुआत मां गंगा के पावन अवतरण दिवस यानी गंगा दशहरा (25 मई) के शुभ अवसर से की जा रही है। इस दिन से राज्य के कुल 9 प्रमुख क्षेत्रों— पटना, बक्सर, आरा, छपरा, फतुहां, बख्तियारपुर, मुंगेर, भागलपुर और वैशाली के गंगा तटों पर स्थित धार्मिक न्यास पर्षद से जुड़े मंदिरों में आरती की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

विशेष तथ्य : धार्मिक कैलेंडर के अनुसार गंगा दशहरा की तिथि और प्रशासनिक घोषणा के समन्वय के साथ 25 मई से इस भव्य आयोजन का शंखनाद किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए “अविरल गंगा, स्वच्छ गंगा, स्वस्थ गंगा और स्वस्थ बिहार” का एक सशक्त और पवित्र संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

आरती के लिए चयनित प्रमुख जिलों के प्रसिद्ध मंदिर

प्रशासन द्वारा बिहार के चार प्रमुख जिलों के जिन प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों को इस भव्य आयोजन के लिए विशेष रूप से सूचित किया गया है, उनकी सूची नीचे दी गई है:

जिला चयनित प्रमुख मठ, मंदिर एवं घाट
भागलपुर

• श्री अजगैबी नाथ मंदिर (सुलतानगंज)


• श्री बुढ़ानाथ मंदिर


• श्री राधाकृष्ण मंदिर (गोलाघाट)


• श्री बटेश्वर स्थान एवं श्री रामजानकी त्रिमुहान (कहलगांव)

मुंगेर

• कष्टहरणी घाट स्थित: (श्री जगरनाथ मंदिर, श्री राम मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर)


• श्री रामजानकी मंदिर (सोझी घाट)


• श्री रामजानकी मंदिर (बेलवाघाट)

बक्सर

• श्री विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया (रामरेखा घाट)


• श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर (रामरेखा घाट)


• श्री चरित्रवन मंदिर

पटना

• बांसघाट स्थित: (श्री काली स्थान, सती स्थान, श्री शंकर स्थान)


• श्री विष्णु भगवान मंदिर (रानी घाट, महेन्द्रु)


• श्री भगवती सीता मंदिर (सीता घाट)


• श्री जल गोविंद स्थान (कछुआरा)


• फतुहां के: (श्री मौनी बाबा आश्रम, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी)


• श्री गंगा मंदिर (मालसलामी, पटना सिटी)

स्वच्छता के लिए चलेंगे विशेष अभियान

इस धार्मिक और सांस्कृतिक पहल के साथ ही गंगा नदी की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखने की भी बड़ी रूपरेखा तैयार की गई है। पर्षद के अध्यक्ष के मुताबिक, आरती के आयोजन स्थलों और घाटों पर गंदगी न फैले, इसके लिए स्थानीय समितियों के सहयोग से समय-समय पर विशेष सफाई और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इससे न केवल बिहार के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहरें भी और अधिक समृद्ध होंगी।

यदि आप भी इन जिलों या इनके आस-पास रहते हैं, तो 25 मई से अपने नजदीकी गंगा घाट या मंदिर में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और अलौकिक गंगा आरती का हिस्सा जरूर बनें।

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