मुजफ्फरनगर: अमीरनगर अपहरण कांड में 24 मई का अल्टीमेटम, गरमाई सियासत और बढ़ा आक्रोश

मुजफ्फरनगर | गुरुवार, 14 मई 2026  

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र स्थित अमीरनगर गांव में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और ‘लव जिहाद’ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्वामी यशवीर महाराज द्वारा दी गई महापंचायत की चेतावनी ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

मामले का पूरा घटनाक्रम: भय और पलायन की कहानी

पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव का ही एक विशेष समुदाय का युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। परिवार के अनुसार, वे युवक की हरकतों से इतने डरे हुए थे कि कुछ समय पहले घर छोड़कर पंजाब चले गए थे। आरोप है कि आरोपी वहां भी पहुंच गया और नाबालिग को नशीला पदार्थ पिलाकर अगवा कर लिया।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

स्वामी यशवीर महाराज और परिजनों का सबसे गंभीर आरोप तितावी पुलिस की कार्यप्रणाली पर है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार थाने के चक्कर लगाए, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय उन्हें टाल दिया। स्वामी जी ने इसे ‘लव जिहाद’ और सुनियोजित धर्मांतरण का मामला बताते हुए सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

24 मई की समयसीमा और महापंचायत की चेतावनी

हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों में बढ़ते गुस्से को देखते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 मई तक लड़की की सकुशल बरामदगी नहीं होती है और आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता, तो मुजफ्फरनगर में एक विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी। इस चेतावनी के बाद पुलिस सूत्रों का कहना है कि टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

तथ्य

सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ अपुष्ट खबरों के विपरीत, पुलिस का कहना है कि यह मामला प्रेम प्रसंग और अपहरण के बीच की कड़ियों की जांच का है। हालांकि, ‘नशीला पदार्थ पिलाने’ और ‘पंजाब से अपहरण’ के आरोपों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और लड़की के बयान के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

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