श्रावस्ती: प्यार का झांसा, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण का दबाव; जानें क्या है पूरा मामला

लखनऊ । बुधवार, 13 मई 2026

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक विवाहित महिला ने इरफान नामक युवक पर ‘लव जिहाद’, बार-बार बलात्कार और जबरन धर्मांतरण के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नशीले पदार्थों के सेवन और जबरन गर्भपात जैसे रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे भी शामिल हैं।

विश्वासघात और शोषण की दास्तां

पीड़िता के अनुसार, मल्हीपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपी इरफान ने उसकी घरेलू परिस्थितियों और अकेलेपन का फायदा उठाया। जब पीड़िता का पति अपनी आजीविका के लिए दुकान पर होता था, तब आरोपी उसके घर आता-जाता था। आरोप है कि इरफान ने पीड़िता को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और इस दौरान चोरी-छिपे आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिए।

ब्लैकमेलिंग और जबरन गर्भपात

घटना तब और गंभीर हो गई जब आरोपी ने उन वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इस शोषण के दौरान वह गर्भवती हो गई, जिसके बाद इरफान ने रुबीना नामक महिला की मिलीभगत से उसका जबरन गर्भपात करा दिया। यह कृत्य न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन संगीन अपराध की श्रेणी में आता है।

धर्मांतरण का दबाव और पुलिस कार्रवाई

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी इरफान उस पर अपना धर्म बदलने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जब उसने इनकार किया, तो उसे और उसके परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी गई। थक-हारकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है।

कानूनी दृष्टिकोण:

उत्तर प्रदेश में ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ के तहत छल-कपट या जबरन धर्मांतरण पर 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है और पीड़िता के बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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