खोकन दास गिरफ्तारी: यूपी में पकड़े गए बंगाल के पूर्व TMC विधायक, जानें क्या हैं जबरन वसूली और चुनावी हिंसा के आरोप

Saransh Kanaujia
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प्रयागराज । रविवार, 31 मई 2026

शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में कयास लगाए जा रहे थे कि यह सिर्फ सामान्य रंगदारी का मामला है, लेकिन ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार खोकन दास पर साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा (Post-poll violence) से जुड़े गंभीर मामले भी दर्ज हैं। साथ ही, वे दिल्ली से वाराणसी की तरफ (मेरठ रूट से होते हुए) कार से भागने की फिराक में थे, तभी यूपी-बंगाल पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दबोचे गए।

हंडिया टोल प्लाजा पर कैसे बिछाया गया जाल?

पश्चिम बंगाल पुलिस की खुफिया विंग लगातार पूर्व विधायक खोकन दास के मूवमेंट को ट्रैक कर रही थी। पुलिस को सटीक इनपुट मिला कि वे नेशनल हाईवे-2 (NH-2) का इस्तेमाल कर दिल्ली/मेरठ के रास्ते उत्तर प्रदेश पार करने की कोशिश कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने तत्काल प्रयागराज के गंगानगर जोन के डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत और हंडिया थाना पुलिस से संपर्क साधा। शनिवार देर रात हंडिया टोल प्लाजा के पास सघन चेकिंग अभियान (Vehicle Checking) चलाया गया। जैसे ही खोकन दास की कार टोल प्लाजा पर रुकी, घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

क्या हैं खोकन दास पर आरोप?

खोकन दास वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल वर्धमान दक्षिण (Bardhaman Dakshin) विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। हालांकि, 2026 के हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के बाद से ही वे पुलिस के रडार पर थे। उन पर दर्ज मामलों की सूची लंबी है:

  • जबरन वसूली और रंगदारी: व्यापारियों और स्थानीय लोगों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करना।

  • आपराधिक धमकी: विरोधियों को जान से मारने और हिंसा फैलाने की धमकी देना।

  • चुनावी हिंसा (Post-Poll Violence): बंगाल पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पूर्व में हुई राजनीतिक हिंसा और उपद्रव भड़काने के मामलों में भी उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

अब आगे क्या? कोर्ट से मिली ट्रांजिट रिमांड

रविवार सुबह कोलकाता पुलिस की एक विशेष टीम प्रयागराज पहुंची। स्थानीय हंडिया पुलिस के साथ मिलकर खोकन दास को आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया।

ताजा स्थिति: प्रयागराज कोर्ट ने कोलकाता पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए खोकन दास की ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) मंजूर कर ली है। इसके बाद बंगाल पुलिस की टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कोलकाता लेकर रवाना हो चुकी है, जहां उनसे मुख्य मामलों में आगे की पूछताछ की जाएगी।

इस गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी दलों (विशेषकर भाजपा) के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

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