केरल के वायनाड में आदमखोर बाघ का आतंक, मानंतवाड़ी में कर्फ्यू लागू

Saransh Kanaujia
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वायनाड. केरल के वायनाड जिले की मानंतवाड़ी नगरपालिका के कई इलाकों में प्रशासन ने 48 घंटे का कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह सख्त कदम एक बाघ द्वारा स्थानीय महिला पर किए गए घातक हमले के बाद उठाया गया है। वन विभाग ने संबंधित बाघ को आधिकारिक रूप से ‘आदमखोर (नरभक्षी)’ घोषित कर दिया है और उसे पकड़ने या समाप्त करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय जन सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

🔴 कर्फ्यू का कारण

वन विभाग के अनुसार, बाघ का व्यवहार लगातार मानव बस्तियों के लिए खतरा बनता जा रहा था। महिला की मौत के बाद स्थिति गंभीर हो गई, जिसके बाद उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में यह फैसला लिया गया कि बाघ को आदमखोर घोषित कर तत्काल कार्रवाई की जाए।

⏰ कर्फ्यू की समय-सीमा

  • शुरुआत: 27 जनवरी 2026
  • समय: सुबह 6 बजे से
  • अवधि: अगले 48 घंटे तक

📍 प्रभावित क्षेत्र (डिवीजन)

मानंतवाड़ी नगरपालिका के ये क्षेत्र कर्फ्यू के दायरे में हैं:

  • डिवीजन 1 – पंचारकोल्ली
  • डिवीजन 2 – पिलाकावु
  • डिवीजन 36 – चिरक्कारा

🏫 स्कूल, आंगनवाड़ी और शिक्षण संस्थान बंद

सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने इन क्षेत्रों में:

  • स्कूल
  • आंगनवाड़ी केंद्र
  • ट्यूशन सेंटर
  • अन्य शिक्षण संस्थान

👉 अस्थायी रूप से बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

🎓 परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था

जो छात्र प्रभावित क्षेत्रों से बाहर परीक्षा (जैसे PSC परीक्षा) देने जा रहे हैं, उन्हें:

  • अपने डिवीजन काउंसलर से संपर्क करने
  • प्रशासनिक अनुमति के साथ यात्रा व्यवस्था कराने
    की सलाह दी गई है।

🌲 वन विभाग और पुलिस अलर्ट मोड पर

वन विभाग और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से:

  • क्षेत्र की निगरानी
  • ड्रोन सर्विलांस
  • सर्च ऑपरेशन
  • ट्रैकिंग अभियान
  • त्वरित प्रतिक्रिया दल (RRT) की तैनाती

जैसे कदम उठा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी भी मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।

📌 स्थानीय स्थिति

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में डर का वातावरण बना हुआ है, वहीं प्रशासन लगातार लोगों से घर के भीतर रहने और गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की अपील कर रहा है।

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