नागोया । मंगलवार, 25 अगस्त 2026
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 2026 एशियन गेम्स से पहले भारतीय टेनिस गलियारे में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) द्वारा भेजी गई 12 खिलाड़ियों की सूची को खेल मंत्रालय द्वारा घटाकर मात्र 7 खिलाड़ियों तक सीमित किए जाने के बाद यह गतिरोध पैदा हुआ है।
इस कटौती के चलते मानस धामने, वैष्णवी अडकर, सहजा यमलापल्ली, वैदेही चौधरी और प्रार्थना थोम्बरे जैसे उभरते और शीर्ष खिलाड़ियों को अंतिम दल से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है।
रोहन बोपन्ना और AITA का विरोध: ‘रैंकिंग का क्या महत्व?’
भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और AITA ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। बोपन्ना का तर्क है कि खिलाड़ियों ने पूरे साल अंतरराष्ट्रीय सर्किट में कड़ी मेहनत करके अपनी रैंकिंग हासिल की है। अगर मेरिट और क्वालिफिकेशन के बावजूद उन्हें प्रतिनिधित्व का अवसर नहीं मिलेगा, तो रैंकिंग प्रणाली का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
AITA का कहना है कि एशियन गेम्स में सिंगल्स, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स की अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं। 12 सदस्यीय दल का उद्देश्य हर स्पर्धा में मजबूत जोड़ी उतारना और युवा खिलाड़ियों को भविष्य के लिए अनुभव प्रदान करना था।
खेल मंत्रालय की नीति: ‘केवल पदक की वास्तविक संभावना वाले खिलाड़ी’
दूसरी ओर, खेल मंत्रालय अपनी कट-ऑफ नीति पर कायम है। मंत्रालय के अनुसार, बहु-खेल आयोजनों (Multi-sport events) में सरकारी संसाधनों का उपयोग मुख्य रूप से उन खिलाड़ियों या टीमों पर होना चाहिए जिनके पास पदक जीतने की ‘वास्तविक संभावना’ (Realistic Medal Prospects) हो।
महिला सिंगल्स में भारत का दावा कमजोर
इस विवाद का सबसे बड़ा असर महिला वर्ग पर पड़ा है। भारत की शीर्ष महिला सिंगल्स खिलाड़ियों में शामिल सहजा यमलापल्ली को दल से बाहर रखे जाने से महिला एकल वर्ग में भारत की चुनौती लगभग समाप्त मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. 2026 एशियन गेम्स कब और कहाँ आयोजित होंगे?
2026 एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया शहर में होगा।
2. भारतीय टेनिस टीम के चयन को लेकर मुख्य विवाद क्या है?
विवाद AITA द्वारा प्रस्तावित 12 खिलाड़ियों की सूची को खेल मंत्रालय द्वारा घटाकर 7 कर देने पर हुआ है, जिससे कई शीर्ष रैंक वाले युवा खिलाड़ी बाहर हो गए हैं।
3. खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों की संख्या क्यों घटाई?
खेल मंत्रालय की नीति के अनुसार, केवल उन्हीं खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है जिनके पास पदक जीतने की वास्तविक संभावना हो।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट्स पर आधारित एक विश्लेषणात्मक समाचार लेख है। चयन संबंधी नियम व अंतिम निर्णय संबंधित खेल महासंघ और खेल मंत्रालय के अधीन हैं।