Share Market Today: सोमवार की मंदी के बाद बाजार में ‘सुनामी’ सी तेजी, निवेशकों की झोली में आए ₹8 लाख करोड़; रुपया अभी भी पस्त

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली | मंगलवार, 24 मार्च 2026

सोमवार को बाजार में मचे हाहाकार के बाद मंगलवार को दलाल स्ट्रीट पर रौनक वापस लौट आई। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आशंकाएं कुछ कम होने की खबरों ने भारतीय शेयर बाजार को ‘बूस्टर डोज’ का काम किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने करीब 2% की छलांग लगाई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

बाजार का क्लोजिंग स्कोरकार्ड

मंगलवार के कारोबारी सत्र के अंत में बाजार की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:

  • BSE सेंसेक्स: 1,372.06 अंक (1.89%) की बढ़त के साथ 74,068.45 पर बंद। (दिन का उच्चतम स्तर: 74,489.39)

  • NSE निफ्टी 50: 399.75 अंक (1.78%) की तेजी के साथ 22,912.40 पर बंद।

  • मार्केट कैप: NSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹8 लाख करोड़ बढ़ गया।

ताजा बाजार अपडेट के लिए: new.matribhumisamachar.com/business/market-live-updates

तेजी के पीछे के 3 बड़े ट्रिगर्स

  1. ट्रंप का ‘शांति’ संदेश: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 5 दिनों के लिए टालने और “सकारात्मक बातचीत” के संकेत देने से वैश्विक बाजार में जोखिम कम हुआ।

  2. क्रूड ऑयल में नरमी: मध्य पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली।

  3. सेक्टर रोटेशन: बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों में निचले स्तरों पर भारी खरीदारी (Value Buying) देखी गई।

सोमवार की गिरावट की खबर: new.matribhumisamachar.com/business/monday-market-crash-reason

आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स

बाजार की इस रिकवरी में IndiGo (5.5%) ने सबसे लंबी छलांग लगाई। इसके अलावा L&T, Bajaj Finance, Eternal और Asian Paints जैसे शेयरों में 4% से 5% तक की तेजी दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर Coal India, Power Grid और Adani Enterprises जैसे शेयरों में मामूली गिरावट या दबाव देखा गया।

ईरान-अमेरिका तनाव पर विशेष रिपोर्ट: new.matribhumisamachar.com/world/us-iran-conflict-impact-on-india

रुपया ₹94 के करीब: चिंता बरकरार

शेयर बाजार में हरियाली के बावजूद मुद्रा बाजार (Currency Market) में चिंता की लकीरें साफ हैं।

  • रुपये की हालत: डॉलर के मुकाबले रुपया आज 93.84 से 93.88 के दायरे में कारोबार करता रहा।

  • कारण: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने रुपये पर दबाव बनाए रखा है। सोमवार को ही FIIs ने बाजार से ₹10,414 करोड़ से अधिक की निकासी की थी।

आगे क्या?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि आज की रिकवरी राहत देने वाली है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहना चाहिए। आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ी खबरें और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की अगली दिशा तय करेगा।

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