मेरठ में बवाल: AIMIM नेता शौकत अली के ‘एनकाउंटर के बदले एनकाउंटर’ वाले बयान पर पुलिस का बड़ा एक्शन, FIR दर्ज

Saransh Kanaujia
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मेरठ | 24 मार्च, 2026

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग ने विवाद का रूप ले लिया है। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली के एक बेहद विवादास्पद बयान के बाद मेरठ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। शौकत अली ने खुले मंच से “एनकाउंटर के बदले एनकाउंटर” की बात कही है, जिसे कानून और संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा हमला माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

मेरठ के हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर में आयोजित एक ईद मिलन कार्यक्रम के दौरान शौकत अली समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा प्रहार किया। उनके भाषण का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें वह कहते सुनाई दे रहे हैं:

“मेरे दोस्तों! मुझे यूपी से 111 नहीं, सिर्फ 11 विधायक जिताकर दे दो। मैं आपसे वादा करके जा रहा हूं कि उत्तर प्रदेश में अगर किसी मुसलमान का एनकाउंटर होगा, तो एनकाउंटर करने वाले का भी एनकाउंटर हो जाएगा।”

विवाद के केंद्र में क्यों हैं शौकत अली?

शौकत अली का यह बयान केवल एनकाउंटर तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए:

  • धार्मिक स्थलों पर प्रहार: उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों को बंद किया जा रहा है और घरों पर बिना वजह बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।

  • समान कार्रवाई की मांग: मेरठ पुलिस द्वारा सड़कों पर नमाज पढ़ने वालों के लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी पर उन्होंने तंज कसा। उन्होंने कहा कि क्या ऐसी ही कार्रवाई रामनवमी के जुलूसों में मस्जिदों के सामने ‘नागिन डांस’ करने वालों पर भी होगी?

  • जनसंख्या पर पुराना विवाद: गौरतलब है कि फरवरी 2026 में भी उन्होंने “हम दो, हमारे दो दर्जन” का नारा देकर जनसंख्या नियंत्रण कानून पर विवाद खड़ा किया था।

पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया

बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया।

  • FIR दर्ज: लोहियानगर थाने में शौकत अली के खिलाफ भड़काऊ भाषण और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • जांच जारी: एएसपी कोतवाली अंतरिक्ष जैन ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी भी संभव है।

  • विपक्ष का हमला: कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इस बयान की निंदा करते हुए इसे “भाजपा की मदद करने वाली भाषा” करार दिया। वहीं, हिंदू संगठनों ने इसे समाज में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश बताया है।

क्या होगा असर?

2026 के राजनीतिक माहौल में, जहाँ निकाय चुनाव और अन्य क्षेत्रीय चुनावों की सुगबुगाहट है, इस तरह के बयान ध्रुवीकरण की राजनीति को तेज कर सकते हैं। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एनकाउंटर’ की धमकी देना सीधे तौर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दंडनीय है, क्योंकि यह जनता को कानून हाथ में लेने के लिए उकसाता है।

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