बंगाल चुनाव 2026: ममता के ‘किले’ में योगी की एंट्री, बीजेपी ने तैयार किया ‘ब्रह्मास्त्र’ प्लान

Saransh Kanaujia
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कोलकाता, 23 मार्च 2026। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के बाद सूबे में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव को केवल दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में सिमटने के फैसले ने रणनीतिकारों को अपनी योजनाएं बदलने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ममता बनर्जी के ‘किला’ को ढहाने के लिए अपने सबसे मारक चेहरों—योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्व सरमा—को मैदान में उतारने का मास्टर प्लान तैयार किया है।

मोदी के बाद योगी-हिमंत की सबसे ज्यादा डिमांड

भाजपा सूत्रों के अनुसार, बंगाल के स्थानीय कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे अधिक मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की है।

  • योगी आदित्यनाथ (कानून-व्यवस्था मॉडल): दक्षिण बंगाल और संदेशखाली जैसे क्षेत्रों में जहां महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बड़े मुद्दे हैं, वहां योगी आदित्यनाथ की ‘कठोर प्रशासक’ वाली छवि को भुनाने की तैयारी है।

  • हिमंत बिस्व सरमा (विकास एवं भ्रष्टाचार विरोधी मॉडल): उत्तर बंगाल के 54 सीटों वाले बेल्ट में, जो असम की सीमा से सटा है, हिमंत सरमा का जादू चलने की उम्मीद है। उनके ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ शासन के दावों को बंगाल की ‘कट मनी’ संस्कृति के खिलाफ हथियार बनाया जा रहा है।

बंगाल चुनाव 2026: तारीखों का पूरा विवरण

भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी साधेंगे हिंदी भाषी वोट

कोलकाता, हावड़ा और औद्योगिक क्षेत्रों में बसे हिंदी भाषी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए भाजपा ने सांसद और अभिनेता मनोज तिवारी पर बड़ा दांव खेला है। उनकी रैलियां और रोड शो उन सीटों पर केंद्रित होंगे जहां भोजपुरी भाषी आबादी निर्णायक भूमिका में है।

योगी आदित्यनाथ का बंगाल दौरा: क्या होगा असर?

बंगाल चुनाव 2026: एक नज़र में महत्वपूर्ण जानकारी

विवरण महत्वपूर्ण तिथियां/जानकारी
कुल विधानसभा सीटें 294 (बहुमत के लिए 148 जरूरी)
पहला चरण (152 सीटें) 23 अप्रैल, 2026
दूसरा चरण (142 सीटें) 29 अप्रैल, 2026
नतीजों की घोषणा 4 मई, 2026
भाजपा के मुख्य चेहरे पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, हिमंत सरमा, सुवेंदु अधिकारी

उत्तर बंगाल की राजनीति और हिमंत बिस्व सरमा

उत्तर बंगाल पर विशेष फोकस: ईद के बाद तेज होगा प्रचार

चुनाव का पहला चरण 23 अप्रैल को है, जिसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं। भाजपा ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की दो सूचियां जारी कर दी हैं, जिनमें कूचबिहार से निशीथ प्रामाणिक और सिलीगुड़ी से डॉ. शंकर घोष जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि ईद के त्यौहार के तुरंत बाद अमित शाह और जेपी नड्डा उत्तर बंगाल में तूफानी दौरा शुरू करेंगे।

ममता के ‘बंगाली अस्मिता’ कार्ड का क्या है काट?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां एक तरफ अपनी कल्याणकारी योजनाओं (जैसे लक्ष्मी भंडार) और ‘बंगाली अस्मिता’ के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही हैं, वहीं भाजपा नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” और “भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल” का नारा बुलंद कर रहे हैं। भाजपा इस बार स्थानीय उम्मीदवारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के शासन मॉडलों को सीधे जनता के बीच ले जा रही है।

विशेष नोट: इस बार चुनाव आयोग ने चरणों की संख्या 8 (2021 में) से घटाकर मात्र 2 कर दी है, जिससे कम समय में अधिक रैलियों और बड़े चेहरों की मांग और बढ़ गई है।

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