कर्तव्य पथ पर ‘7 शूल’: सीमा के वे 7 रक्षक जिनसे कांपते हैं दुश्मन, जानें इनकी मारक क्षमता

Saransh Kanaujia
4 Min Read

नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ की परेड इस बार ऐतिहासिक होने वाली है। रक्षा मंत्रालय ने इस वर्ष के प्रदर्शन को ‘7 शूल’ का नाम दिया है—ये वे सात अस्त्र हैं जो न केवल भारत की स्वदेशी शक्ति का प्रतीक हैं, बल्कि पाकिस्तान और अन्य सीमाओं पर भारत की अभेद्य दीवार बने हुए हैं। 26 जनवरी 2026 की परेड इस बार सैन्य कौशल से कहीं बढ़कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ की हुंकार होगी। इस बार मुख्य आकर्षण ‘7 शूल’ नामक दस्ता होगा, जिसमें भारत की सात सबसे घातक मिसाइलें और रक्षा प्रणालियां शामिल हैं। ये वही हथियार हैं जिन्होंने एलओसी (LoC) और एलएसी (LAC) पर शक्ति संतुलन को भारत के पक्ष में झुका दिया है।

1. ब्रह्मोस (BrahMos): दुनिया की सबसे तेज मिसाइल

ब्रह्मोस भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना तेज ($2.8$ मैक) चलती है।

  • इतिहास: इसका पहला सफल परीक्षण 2001 में हुआ था।

  • क्षमता: 2026 वाले उन्नत संस्करण की रेंज 450 किमी से अधिक है। इसे जमीन, हवा और समुद्र तीनों जगह से दागा जा सकता है।

2. अग्नि-V (Agni-V): अंतरमहाद्वीपीय बाहुबली

यह भारत की सबसे लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल है। यह चीन के सबसे दूरस्थ हिस्सों और पूरे पाकिस्तान को अपनी जद में लेती है।

  • क्षमता: 5000-5500 किमी की मारक दूरी। यह एमआईआरवी (MIRV) तकनीक से लैस है, यानी एक साथ कई परमाणु हथियार ले जा सकती है।

3. प्रलय (Pralay): सीमा का रक्षक

पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर हाल ही में तैनात ‘प्रलय’ मिसाइल एक ‘क्वाजी-बैलिस्टिक’ मिसाइल है।

  • क्षमता: 150-500 किमी रेंज। इसकी खासियत यह है कि यह हवा में ही अपना रास्ता बदलकर दुश्मन के इंटरसेप्टर मिसाइलों को चकमा दे सकती है।

4. आकाश एनजी (Akash-NG): आसमान का शिकारी

आकाश-न्यू जनरेशन एक सतह से हवा में मार करने वाली (SAM) मिसाइल प्रणाली है।

  • क्षमता: यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को 60 किमी दूर से ही भांपकर नष्ट कर देती है। इसकी तैनाती सीमा पर हवाई घुसपैठ को नामुमकिन बनाती है।

5. नाग (NAG): एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल

दुश्मन के टैंकों को राख में बदलने के लिए ‘नाग’ का कोई सानी नहीं है।

  • इतिहास: यह ‘दागो और भूल जाओ’ (Fire and Forget) तकनीक पर आधारित है।

  • क्षमता: इसका हेलिना (HELINA) संस्करण हेलिकॉप्टर से भी दागा जा सकता है, जो सीमा पार बैठे दुश्मन के बख्तरबंद दस्ते के लिए काल है।

6. पिनाका (Pinaka Mark-II): रॉकेट की बौछार

पिनाका एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है। करगिल युद्ध के दौरान इसके शुरुआती संस्करण ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे।

  • क्षमता: पिनाका का नया संस्करण मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागकर दुश्मन के पूरे ठिकाने को तबाह कर सकता है।

7. अस्त्र (Astra): हवा से हवा में प्रहार

अस्त्र भारत की पहली स्वदेशी ‘बियॉन्ड विजुअल रेंज’ (BVR) मिसाइल है।

  • क्षमता: इसे सुखोई-30 और तेजस विमानों में लगाया गया है। यह 100 किमी से अधिक दूर उड़ रहे दुश्मन के जहाज को बिना नजर में आए मार गिराती है।

क्यों है यह ‘7 शूल’ महत्वपूर्ण?

ये सात हथियार भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ पॉलिसी के साथ-साथ ‘तैयार भारत’ की नीति को दर्शाते हैं। कर्तव्य पथ पर इनकी मौजूदगी पाकिस्तान को यह कड़ा संदेश है कि भारत की सीमाएं अब तकनीकी रूप से अभेद्य हैं।

Related Post

Share This Article