योगी सरकार का मास्टरप्लान: अब मजदूर नहीं, ‘मालिक’ बनेंगी यूपी की ग्रामीण महिलाएं

Saransh Kanaujia
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को सीधे खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योग से जोड़ने का मास्टरप्लान साझा किया। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं अब केवल मजदूरी तक सीमित न रहें, बल्कि खुद की यूनिट लगाकर उद्यमी बनें।

1. ‘SOP’ और ‘ट्रेनिंग कैलेंडर’ से आएगी काम में तेजी

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को इस क्षेत्र में लाने के लिए एक प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी।

  • प्रशिक्षण का ढांचा: महिलाओं को कब और कैसे ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके लिए एक समयबद्ध कैलेंडर जारी होगा।

  • जनप्रतिनिधियों की भागीदारी: प्रशिक्षण कार्यक्रमों में स्थानीय विधायकों और सांसदों को भी शामिल किया जाएगा ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठी महिला तक पहुंचे।

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2. हर महीने 1 लाख ट्रेनिंग का लक्ष्य: बायोमेट्रिक से होगी निगरानी

ग्रामीण विकास संस्थान को निर्देश देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य की प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया।

  • बड़ा टारगेट: प्रदेश में हर महीने 1 लाख युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षित करने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • डिजिटल हाजिरी: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे डेटा की सटीकता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहेगी।

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3. यूपी में लागू होगा ‘हरियाणा मॉडल’, भेजी जाएगी एक्सपर्ट टीम

उत्तर प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दूसरे राज्यों के सफल मॉडलों का भी अध्ययन कर रही है।

  • स्टडी टूर: राष्ट्रीय एकीकरण विभाग की एक दो सदस्यीय टीम जल्द ही हरियाणा का दौरा करेगी।

  • रिपोर्ट और क्रियान्वयन: यह टीम वहां के विकास मॉडल्स और खाद्य प्रसंस्करण की बारीकियों का अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर यूपी में नई रणनीतियां बनाई जाएंगी।

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4. बजट और सड़कों पर सख्त रुख: ‘पैसा लैप्स हुआ तो अधिकारियों की खैर नहीं’

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश दिया।

  • जीरो टॉलरेंस: वित्तीय वर्ष का बजट समय पर खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि धनराशि लैप्स (Lapse) नहीं होनी चाहिए और लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाया जाए।

  • हाई-टेक सड़कें: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनने वाली सड़कों में अब लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा, जिससे ग्रामीण सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी।

5. बैठक में मौजूद रहे दिग्गज अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू, और अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा सहित शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मिशन मोड में काम करें।

निष्कर्ष: गांव-गांव पहुंचेगी समृद्धि

योगी सरकार की इस पहल से न केवल गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लगने से किसानों की फसलों को बेहतर दाम मिलेंगे और ग्रामीण महिलाओं की आय में भी भारी इजाफा होगा।

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