अकबरपुर का नया नाम ‘लोहिया नगर’: अंबेडकर नगर में योगी सरकार का बड़ा फैसला, जानें क्यों बदला गया नाम?

Saransh Kanaujia
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनभावनाओं और महापुरुषों के सम्मान को आधार बनाते हुए एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अंबेडकर नगर जिले के मुख्य नगर ‘अकबरपुर’ को अब आधिकारिक तौर पर ‘लोहिया नगर’ के नाम से जाना जाएगा। शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है और राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया की जन्मस्थली का सम्मान

इस नाम परिवर्तन के पीछे सबसे बड़ा कारण महान समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राम मनोहर लोहिया का सम्मान है। अकबरपुर डॉ. लोहिया की जन्मस्थली है। लंबे समय से स्थानीय निवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा यह मांग की जा रही थी कि गुलामी के प्रतीक नामों को हटाकर इस नगर का नाम डॉ. लोहिया के नाम पर रखा जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में ही संकेत दिए थे कि सरकार महापुरुषों की विरासत को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद, राज्यपाल की मंजूरी के साथ ही नाम परिवर्तन पर अंतिम मुहर लग गई है।

  • सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: सरकार का तर्क है कि ‘अकबरपुर’ नाम मुगल शासन की याद दिलाता है, जबकि ‘लोहिया नगर’ नई पीढ़ी को भारतीय संघर्ष और समाजवाद के पुरोधा से जोड़ेगा।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

अकबरपुर का नाम बदलना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने भी हैं।

  1. समाजवादी वोट बैंक: डॉ. लोहिया के नाम पर नगर का नाम रखकर भाजपा ने समाजवादी विचारधारा के समर्थकों के बीच एक बड़ा संदेश भेजने की कोशिश की है।

  2. विपक्ष की प्रतिक्रिया: जहां भाजपा इसे “स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान” बता रही है, वहीं विपक्ष इसे “मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति” करार दे रहा है।

प्रशासनिक बदलाव

नाम बदलने के साथ ही अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तहसील और नगर पालिका के बोर्ड बदले जाएंगे। डाक विभाग और राजस्व रिकॉर्ड में भी धीरे-धीरे ‘लोहिया नगर’ अपडेट किया जाएगा।

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