कानपुर मंडी भाव: गेहूं और उड़द की कीमतों में भारी उछाल, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

Saransh Kanaujia
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कानपुर. प्रसिद्ध चकरपुर अनाज मंडी में आज व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी गई। रबी सीजन की नई फसल की सुगबुगाहट और त्योहारों की बढ़ती मांग के बीच बाजार का मिजाज काफी गरम है। विशेष रूप से उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं और प्रीमियम दालों (जैसे उड़द और चना) की कीमतों ने व्यापारियों और किसानों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

🌾 आज के ताजा मंडी भाव (प्रति क्विंटल)

मंडी समिति द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज विभिन्न जिंसों के भाव इस प्रकार रहे:

अनाज/दलहनऔसत भाव (₹)न्यूनतम – अधिकतम (₹)बाजार का रुझान
गेहूं (Wheat)₹2,515₹2,375 – ₹2,850तेजी 📈
चना (Chana)₹9,750₹6,800 – ₹9,750मजबूत 💪
उड़द (हरा)₹10,950₹10,800 – ₹11,100रिकॉर्ड स्तर
अरहर (तूर)₹8,050₹6,500 – ₹8,050स्थिर
सरसों (Mustard)₹6,970₹6,920 – ₹7,020सामान्य
मक्का (Maize)₹1,850₹1,700 – ₹2,200नर्म 📉
जौ (Barley)₹2,300₹2,250 – ₹2,350स्थिर

ताजा भाव के लिए: चकरपुर मंडी के पिछले हफ्ते के भाव

📊 बाजार की 3 बड़ी बातें: क्यों बदल रहे हैं दाम?

1. गेहूं: क्वालिटी की मांग और स्टॉक लिमिट का असर

मंडी में आज फार्म गेहूं (उच्च गुणवत्ता) का भाव ₹2,850 प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा। व्यापारियों का कहना है कि आटे की मिलों की ओर से अच्छी क्वालिटी के गेहूं की भारी मांग है। हालांकि, सरकार द्वारा 2026-27 के लिए तय किए गए खरीद लक्ष्यों और स्टॉक लिमिट की खबरों के बीच बाजार संभलकर चल रहा है।

2. दलहन: उड़द और चने में ‘ऊंची छलांग’

दलहन बाजार में आज सबसे ज्यादा हलचल रही। उड़द (हरा) ₹11,100 के स्तर को छू रहा है, जिसका मुख्य कारण म्यांमार से होने वाले आयात में देरी और अंतरराष्ट्रीय मालभाड़े में वृद्धि को माना जा रहा है। वहीं, चना ₹9,750 के साथ अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है।

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3. मौसम का मिजाज और नई आवक

मार्च के मध्य में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 2-3°C अधिक रहने के कारण रबी फसलों (गेहूं और सरसों) के जल्दी पकने की संभावना है। चकरपुर मंडी में सरसों की आवक तो बढ़ी है, लेकिन कीमतों में ₹7,000 के आसपास कड़ा प्रतिरोध (Resistance) देखने को मिल रहा है।

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💡 विशेषज्ञों की राय और भविष्य का अनुमान

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह में आलू और मौसमी सब्जियों की आवक बढ़ने से उनके दाम गिर सकते हैं, लेकिन अनाज में फिलहाल मंदी के आसार नहीं हैं।

चेतावनी: किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों पर नजर रखें, क्योंकि मार्च के अंत में हल्की बारिश या तेज हवाएं कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

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