“लोकतंत्र में असहमति और विरोधी विचारों के लिए भी जगह होना जरूरी”: RSS प्रमुख मोहन भागवत

Saransh Kanaujia
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विशाखापत्तनम | रविवार, 16 अगस्त 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने लोकतांत्रिक विमर्श और सामाजिक संवाद को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना और विविध दृष्टिकोणों को सामने आने देना एक स्वस्थ प्रक्रिया है।

लोकतंत्र और असहमति का संतुलन

मोहन भागवत ने कहा कि लोकतंत्र केवल सहमति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विरोधी विचारों का भी सम्मान होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह शर्त भी रखी कि संवाद की आड़ में देश के सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने या संविधान को चोट नहीं पहुँचनी चाहिए।
  • रचनात्मक विरोध: युवाओं द्वारा उठाए जाने वाले सवालों और विरोध को संवाद का हिस्सा माना जाना चाहिए।
  • संवैधानिक मर्यादा: असहमति व्यक्त करते समय देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना अनिवार्य है।

Vizag में RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Vizag) जिले के गुडिलोवा में RSS और उससे जुड़े अनुषांगिक संगठनों की 3-दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक आयोजित की जा रही है।
प्रमुख चर्चा बिंदु मुख्य उद्देश्य
Youth Awareness & Nasha Mukti Gen Z और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना और उनसे संवाद स्थापित करना।
Population Imbalance देश में जनसांख्यिकीय असंतुलन की चुनौतियों पर विचार-विमर्श।
Panch Parivartan सामाजिक समरसता, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य।
Organizational Synergy संघ से जुड़े संगठनों के बीच अनुभव और कार्ययोजना साझा करना।

युवा संवाद और जनसांख्यिकीय चुनौतियाँ

बैठक में Gen Z पीढ़ी की प्राथमिकताओं, उनके मानसिक स्वास्थ्य और बदलती सोच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। RSS नेतृत्व का मानना है कि युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुँचाने के लिए संवाद शैली को आधुनिक और समावेशी बनाना होगा। इसके साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसंख्या असंतुलन (Population Imbalance) पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

FAQ

Q1: RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक कहाँ आयोजित हो रही है?
यह बैठक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले के गुडिलोवा में आयोजित की जा रही है।
Q2: मोहन भागवत ने लोकतंत्र के संदर्भ में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति, विरोध और भिन्न विचारों के लिए स्थान होना चाहिए, बशर्ते इससे संविधान और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान न पहुँचे।
Q3: इस बैठक के मुख्य विषय क्या हैं?
युवा जागरूकता, नशामुक्ति (Nasha Mukti), जनसंख्या असंतुलन (Population Imbalance), और पंच परिवर्तन (Panch Parivartan) इसके मुख्य विषय हैं।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध समाचार सामग्री और प्रेस वक्तव्यों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है।

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