केरल चुनाव 2026: पिनाराई विजयन vs राजीव चंद्रशेखर; LDF और BJP ने चली अपनी सबसे बड़ी चाल

Saransh Kanaujia
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तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले महासंग्राम में राजनीतिक दलों ने अपने तरकश के सबसे मजबूत तीर चलाने शुरू कर दिए हैं। माकपा (CPI-M) के नेतृत्व वाले एलडीएफ (LDF) और भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।

माकपा की ‘निरंतरता’ वाली रणनीति

सत्तारूढ़ माकपा ने इस बार 140 में से 86 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन एक बार फिर अपनी पारंपरिक सीट धर्माडम से चुनावी मैदान में उतरेंगे।

माकपा ने अपनी सूची में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाने की कोशिश की है:

  • 81 उम्मीदवारों के नाम घोषित: इनमें 11 मौजूदा कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।

  • मौजूदा विधायकों पर भरोसा: पार्टी ने 54 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट देकर ‘विकास की निरंतरता’ का संदेश दिया है।

  • नए चेहरे: केरल के युवाओं को आकर्षित करने के लिए कई नए और युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है।

ताजा खबरें: new.matribhumisamachar.com/kerala-elections-live

भाजपा का ‘मिशन केरल’: मैदान में उतरे दिग्गज

केरल में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए भाजपा ने इस बार बेहद आक्रामक रणनीति अपनाई है। पार्टी द्वारा जारी 47 उम्मीदवारों की पहली सूची ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। भाजपा ने राज्य में अपनी पहली ऐतिहासिक जीत वाली सीट नेमम और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारी वजन वाले नेताओं को उतारा है।

प्रमुख उम्मीदवार और उनकी सीटें:

  • राजीव चंद्रशेखर: पूर्व केंद्रीय मंत्री को तिरुवनंतपुरम की हाई-प्रोफाइल सीट नेमम से टिकट दिया गया है।

  • के. सुरेंद्रन: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजेश्वरम से अपनी किस्मत आजमाएंगे।

  • वी. मुरलीधरन: पूर्व केंद्रीय मंत्री कझाकट्टम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।

उम्मीदवारों की पूरी सूची: new.matribhumisamachar.com/ldf-nda-candidate-list-2026

चुनाव की महत्वपूर्ण तारीखें (2026)

निर्वाचन आयोग के अनुसार, केरल में चुनावी प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होगी:

  • नामांकन की आखिरी तारीख: 23 मार्च 2026

  • मतदान की तारीख: 9 अप्रैल 2026 (एक ही चरण में)

  • चुनावी नतीजे: 4 मई 2026

चुनावी विश्लेषण: new.matribhumisamachar.com/kerala-politics-analysis

त्रिकोणीय मुकाबले की आहट

आमतौर पर केरल की राजनीति एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन भाजपा द्वारा राजीव चंद्रशेखर और के. सुरेंद्रन जैसे चेहरों को उतारने से कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ भी जल्द ही अपनी सूची जारी करने वाला है, जिससे चुनावी तपिश और बढ़ना तय है।

अब देखना यह होगा कि क्या केरल की जनता “हर पांच साल में सत्ता बदलने” के अपने पारंपरिक रिवाज को दोहराती है या फिर पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ को दोबारा मौका देती है। वहीं, भाजपा की यह ‘दिग्गज’ ब्रिगेड राज्य के चुनावी नतीजों में कितना बड़ा उलटफेर कर पाती है, यह 4 मई को साफ हो जाएगा।

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