ITR Filing 2026: आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू, जानें ITR-1 और ITR-4 में हुए बड़े बदलाव

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली । शुक्रवार, 15 मई 2026

आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए कमर कस ली है। करदाताओं के लिए अच्छी खबर यह है कि विभाग ने ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) के लिए एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइलिंग की सुविधा ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाइव कर दी है। इसका मतलब है कि अब आप अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना टैक्स रिटर्न फाइल करना शुरू कर सकते हैं।

🏠 ITR-1 (सहज) में क्या नया है?

इस साल ITR-1 फॉर्म में एक क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। पहले, केवल एक हाउस प्रॉपर्टी (Single House Property) वाले व्यक्ति ही ITR-1 का उपयोग कर सकते थे। लेकिन अब:

  • दो घर (2 House Properties): अब आप दो घर से होने वाली आय को भी ITR-1 के जरिए रिपोर्ट कर सकते हैं।

  • पूँजीगत लाभ (LTCG): धारा 112A के तहत ₹1.25 लाख तक के विशिष्ट लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की घोषणा भी अब आसान कर दी गई है।

  • पात्रता: यह फॉर्म उन रेजिडेंट इंडिविजुअल्स के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है।

💼 ITR-4 (सुगम): छोटे व्यापारियों के लिए राहत

यदि आप फ्रीलांसर हैं या छोटा व्यवसाय चलाते हैं और Presumptive Taxation (44AD/44ADA) का लाभ लेते हैं, तो ITR-4 आपके लिए है। बजट 2026 के प्रस्तावों के बाद, इसमें शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान और विशिष्ट ट्रेडिंग गतिविधियों को रिपोर्ट करने के लिए नए कॉलम जोड़े गए हैं।

📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ: कैलेंडर में नोट करें

बजट 2026 के बाद डेडलाइन्स को थोड़ा व्यवस्थित (Staggered) किया गया है:

करदाता श्रेणी अंतिम तिथि (बिना पेनल्टी)
वेतनभोगी और व्यक्तिगत (Non-Audit) 31 जुलाई 2026
छोटे व्यवसाय / पेशेवर (Non-Audit) 31 अगस्त 2026
टैक्स ऑडिट वाले मामले 31 अक्टूबर 2026
विलंबित/संशोधित रिटर्न (Belated/Revised) 31 मार्च 2027

🛠 एक्सेल यूटिलिटी का उपयोग कैसे करें?

एक्सेल यूटिलिटी उन लोगों के लिए वरदान है जो ऑफलाइन काम करना पसंद करते हैं।

  1. डाउनलोड: आयकर विभाग के ‘Downloads’ सेक्शन से ज़िप फाइल डाउनलोड करें।

  2. डेटा भरें: अपनी आय, निवेश (80C, 80D) और टीडीएस का विवरण भरें।

  3. वैलिडेट: ‘Validate’ बटन पर क्लिक करें ताकि कोई त्रुटि न रहे।

  4. JSON फाइल: फाइल को JSON फॉर्मेट में सेव करें और पोर्टल पर अपलोड कर दें।

याद रखें: रिटर्न फाइल करने से पहले अपने AIS (Annual Information Statement) और 26AS का मिलान जरूर करें। किसी भी विसंगति (Mismatch) की स्थिति में आपको नोटिस मिल सकता है।

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