मानसून 2026 की भारी तबाही: 14 राज्यों में मौसम विभाग का ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का अलर्ट, जानें सुरक्षा गाइडलाइंस

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली । मंगलवार, 14 जुलाई 2026

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

इन 14 राज्यों में IMD का ‘भारी से बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, देश के 14 प्रमुख राज्यों में अगले 48 से 72 घंटों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  1. उत्तर भारत: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश

  2. पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल

  3. पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम

कुछ चुनिंदा स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) दर्ज की जा सकती है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रियों के लिए विशेष निर्देश

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides), अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) और मलबे के कारण सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा काफी बढ़ गया है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में जाने वाले सभी यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी अगले कुछ दिनों तक लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय आदि) में सक्रिय मानसून के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

खराब मौसम में क्या करें और क्या न करें: सुरक्षा टिप्स

मौसम विभाग ने आम नागरिकों, विशेषकर निचले और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है:

  • अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बहुत जरूरी न हो, खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से परहेज करें।

  • आकाशीय बिजली से सुरक्षा: बिजली चमकने या कड़कने के समय किसी भी खुले स्थान, पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों। पक्के मकानों या बंद गाड़ियों के भीतर शरण लें।

  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें: स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों (NDRF/SDRF) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर लगातार नजर रखें।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की इस बढ़ी हुई सक्रियता के कारण किसानों को अपनी फसलों को जलभराव से बचाने के उपाय करने चाहिए। वहीं, आम जनता को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. मौसम विभाग ने किन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है?

Ans: IMD ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय सहित सभी पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

Q2. भारी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली से खुद को कैसे बचाएं?

Ans: बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें, पेड़ों या मोबाइल टावरों के नीचे न खड़े हों और घर के अंदर रहने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद कर दें।

Q3. क्या उत्तराखंड में चारधाम यात्रा सुरक्षित है?

Ans: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Floods) का खतरा है। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्थानीय मौसम और रास्तों की स्थिति की जांच करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। मौसम की स्थिति पल-पल बदल सकती है, इसलिए किसी भी यात्रा या सुरक्षा उपाय से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट व बुलेटिन पर दी गई जानकारी को ही अंतिम मानें।

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