पश्चिम बंगाल: अब बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ नहीं होगा गाय-भैंस का वध, सरकार ने जारी किए कड़े निर्देश

Saransh Kanaujia
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कोलकाता । गुरुवार, 14 मई, 2026

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में पशु वध (Animal Slaughter) को विनियमित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। 1950 के बंगाल कानून और कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2018 के ऐतिहासिक आदेश का हवाला देते हुए, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी मवेशी का वध बिना आधिकारिक मंजूरी के नहीं किया जा सकेगा।

क्या हैं नए नियम और अनिवार्य शर्तें?

सरकार द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, अब किसी भी गाय या भैंस के वध के लिए ‘फिटनेस प्रमाण पत्र’ होना अनिवार्य है। यह केवल एक कागजी प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि इसके लिए दो विशिष्ट अधिकारियों की लिखित सहमति की आवश्यकता होगी:

  1. संबंधित नगरपालिका या पंचायत समिति के अध्यक्ष।

  2. एक अधिकृत सरकारी पशु चिकित्सक।

वध के लिए पात्रता (Criteria):

प्रमाण पत्र केवल तभी जारी किया जाएगा जब पशु निम्नलिखित में से किसी एक श्रेणी में आता हो:

  • पशु की आयु 14 वर्ष से अधिक हो चुकी हो।

  • पशु काम करने या प्रजनन (Breeding) के लिए पूरी तरह अक्षम हो गया हो।

  • किसी असाध्य बीमारी या गंभीर चोट के कारण पशु का जीवन कष्टकारी हो।

सार्वजनिक वध पर पूर्ण प्रतिबंध

नए दिशा-निर्देशों में सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक अनुशासन पर जोर दिया गया है। अब सड़कों, चौराहों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पशु वध की अनुमति नहीं होगी। वध केवल सरकार द्वारा निर्धारित या अधिकृत वधशालाओं (Slaughterhouses) के भीतर ही किया जा सकेगा।

उल्लंघन पर दंड का प्रावधान

नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी:

  • सजा: 6 महीने तक का कारावास।

  • जुर्माना: 1,000 रुपये तक का आर्थिक दंड।

  • अपील: यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसे गलत तरीके से फिटनेस सर्टिफिकेट देने से मना किया गया है, तो वह 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर कर सकता है।

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