IPL स्टार वैभव सूर्यवंशी नहीं देंगे CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा, अंडर-19 वर्ल्ड कप के हीरो ने क्रिकेट के लिए लिया बड़ा फैसला

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और हाल ही में समाप्त हुए अंडर-19 विश्व कप 2026 के ‘रन मशीन’ वैभव सूर्यवंशी ने एक चौंकाने वाला लेकिन साहसिक फैसला लिया है। मैदान पर गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले वैभव इस साल CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होंगे।

लगातार क्रिकेट टूर्नामेंट्स, नेशनल कैंप्स और ट्रेनिंग की व्यस्तता के कारण उन्होंने इस साल अपनी पढ़ाई से ब्रेक लेकर पूरी तरह खेल पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है।

📋 परीक्षा की तैयारी थी पूरी, पर खेल बना प्राथमिकता

वैभव सूर्यवंशी समस्तीपुर के मॉडेस्टी स्कूल, ताजपुर के छात्र हैं। स्कूल के प्राचार्य आदर्श कुमार उर्फ पिंटू ने पुष्टि की है कि वैभव का परीक्षा फॉर्म भरा जा चुका था और उनका एडमिट कार्ड भी आ गया था। उनका परीक्षा केंद्र पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में था।

प्राचार्य ने बताया कि वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी से बातचीत के बाद यह साफ हुआ कि लगातार दौरों पर रहने के कारण वैभव को तैयारी का समय नहीं मिल सका। 17 फरवरी से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं के बजाय वैभव अब आगामी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।

🔥 वर्ल्ड कप में मचाया था ‘कोहराम’

वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप 2026 में अपनी बल्लेबाजी से दुनिया को अपना मुरीद बना लिया था। उनके प्रदर्शन के मुख्य आकर्षण इस प्रकार रहे:

  • सर्वाधिक रन: 7 मैचों में 439 रन बनाकर टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे।

  • फाइनल की ऐतिहासिक पारी: फाइनल में महज 80 गेंदों पर 175 रनों की तूफानी पारी खेली (15 चौके, 15 छक्के)।

  • औसत व स्ट्राइक रेट: पूरे टूर्नामेंट में उनका औसत 62.71 और स्ट्राइक रेट 169.50 का रहा।

  • सम्मान: उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ से नवाजा गया।

🚀 अब IPL 2026 में ‘रॉयल’ धमाके की तैयारी

बोर्ड परीक्षा छोड़ने के पीछे की एक बड़ी वजह मार्च के अंत में शुरू होने वाला IPL 2026 भी माना जा रहा है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने पिछले सीजन में भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था।

यादगार लम्हा: पिछले सीजन में वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ केवल 35 गेंदों पर 101 रन जड़कर आईपीएल इतिहास की सबसे तेज पारियों में से एक खेली थी।

📑 निष्कर्ष: जोखिम या मास्टरस्ट्रोक?

एक खिलाड़ी के लिए शिक्षा और करियर के बीच संतुलन बनाना हमेशा से कठिन रहा है। वैभव का यह फैसला दिखाता है कि वह भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार बनने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए, खेल पर यह फोकस उन्हें जल्द ही भारतीय सीनियर टीम का दरवाजा खटखटाने में मदद कर सकता है।

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