TCS Q3 Results: राजस्व में 4.9% की वृद्धि, लेकिन एकमुश्त शुल्क के कारण मुनाफे में 14% की गिरावट

Saransh Kanaujia
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मुंबई. भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी के राजस्व में मजबूती बनी हुई है, हालांकि कानूनी मामलों और नए सरकारी नियमों के चलते शुद्ध लाभ पर दबाव देखा गया है।

राजस्व में मजबूती, मुनाफे पर ‘वन-टाइम चार्ज’ की मार

दिसंबर तिमाही के दौरान TCS का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर (YoY) 4.9% बढ़कर ₹67,087 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले साल की समान तिमाही के ₹12,380 करोड़ के मुकाबले 14% गिरकर ₹10,657 करोड़ रहा।

मुनाफे में गिरावट के दो बड़े कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, शुद्ध लाभ में यह गिरावट कंपनी के परिचालन प्रदर्शन की कमी नहीं, बल्कि दो बड़े ‘एकमुश्त शुल्कों’ (Exceptional Charges) का परिणाम है:

  1. नया लेबर कोड: भारत के नए लेबर कोड के प्रावधानों के अनुपालन के लिए कंपनी ने ₹2,128 करोड़ का प्रावधान किया है।

  2. अमेरिकी कानूनी मामला: एक पुराने अमेरिकी कानूनी विवाद के निपटारे के लिए ₹1,010 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

शेयरधारकों की चांदी: ₹57 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा

मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करने के लिए भारी डिविडेंड का ऐलान किया है। TCS कुल ₹57 प्रति शेयर का लाभांश देगी, जिसमें:

  • ₹11 का अंतरिम डिविडेंड।

  • ₹46 का विशेष (Special) डिविडेंड शामिल है।

    इस लाभांश के लिए 17 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

AI सेक्टर में TCS की लंबी छलांग

भविष्य की तकनीक की दिशा में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। टीसीएस का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पोर्टफोलियो अब $1.8 बिलियन के वार्षिक राजस्व तक पहुंच गया है। कंपनी प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाली तिमाहियों में जेनरेटिव एआई (GenAI) परियोजनाओं पर अपना निवेश और अधिक बढ़ाएंगे।

बाजार का रुख और बजट 2026 की आहट

आज यानी 13 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। फरवरी में आने वाले केंद्रीय बजट से पहले आईटी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर है। सोमवार को टीसीएस के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए थे, और आज भी बाजार को उम्मीद है कि मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और भारी डिविडेंड के चलते स्टॉक में खरीदारी देखने को मिल सकती है।

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