e-Visa नियम 2026: भारत में e-Visa धारकों के लिए खुले 11 नए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स; अब कुल 88 एंट्री पॉइंट्स से मिलेगा सीधा प्रवेश

Saransh Kanaujia
4 Min Read
नई दिल्ली | मंगलवार, 11 अगस्त 2026
भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और विदेशी पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देश के ई-वीजा (e-Visa) नेटवर्क का दायरा बढ़ा दिया है। सरकार ने 11 और नए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स को e-Visa धारकों के प्रवेश के लिए आधिकारिक रूप से अधिसूचित (notified) कर दिया है। इस फैसले के बाद भारत में e-Visa के ज़रिए सीधे प्रवेश की सुविधा देने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स की संख्या बढ़कर 88 हो गई है।

11 नए एंट्री पॉइंट्स: 9 ज़मीनी सीमाएं और 2 हवाई अड्डे

गृह मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए 11 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स में 2 एयरपोर्ट्स और 9 लैंड पोर्ट्स (ज़मीनी प्रवेश द्वार) शामिल हैं:
  • हवाई अड्डे (2 Airports): मध्य प्रदेश का भोपाल (Bhopal) और आंध्र प्रदेश का तिरुपति (Tirupati)
  • ज़मीनी सीमा प्रवेश केंद्र (9 Land Ports): पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी (Attari – Road), मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा का मोरेह (Moreh), मेघालय का डावकी (Dawki), त्रिपुरा का अगरतला (Agartala), असम का दररंगा (Darranga) और पश्चिम बंगाल के गेड़े (Gede), घोजाडांगा (Ghojadanga), हरिदासपुर (Haridaspur)जयगांव (Jaigaon) शामिल हैं।

अब देश में कुल 88 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार उपलब्ध

इस विस्तार के बाद वैध भारतीय e-Visa रखने वाले विदेशी नागरिक देश भर के अलग-अलग 88 आधिकारिक आव्रजन (Immigration) चेक-पॉइंट्स से भारत में दाखिला ले सकते हैं।
श्रेणी पोर्ट्स की संख्या प्रमुख उदाहरण
एयरपोर्ट्स (Airports) 37 दिल्ली, मुंबई, भोपाल, तिरुपति, बेंगलुरु, चेन्नई, वाराणसी आदि।
सीपोर्ट्स (Seaports) 38 मुंबई, कोच्चि, चेन्नई, विशाखापत्तनम, मुंद्रा, कांडला आदि।
लैंड पोर्ट्स (Land Ports) 13 अटारी, मोरेह, डावकी, अगरतला, रक्सौल, रूपैडीहा आदि।

पर्यटन, व्यवसाय और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को मिलेगा बढ़ावा

सरकार के इस कदम से पर्यटन क्षेत्र, व्यापारिक दौरों और सीमावर्ती राज्यों के स्थानीय बुनियादी ढाँचे को सीधा लाभ पहुँचेगा:
  1. आसान आव्रजन प्रक्रिया: सड़क, रेल, समुद्र और हवाई मार्ग—चारों माध्यमों से देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँच आसान हो गई है।
  2. तीव्र प्रोसेसिंग समय: वर्तमान में भारत सरकार e-Visa के 95% आवेदनों को 72 घंटे से भी कम समय में स्वीकृत कर देती है।
  3. व्यापक कवरेज: e-Visa सुविधा वर्तमान में दुनिया के 172 देशों के नागरिकों के लिए 17 उप-श्रेणियों (पर्यटन, बिजनेस, मेडिकल, कॉन्फ्रेंस, आदि) में उपलब्ध है। भारत द्वारा जारी कुल वीजा का लगभग 78% हिस्सा अब डिजिटल (e-Visa) माध्यम से जारी किया जाता है।

क्या नियम बदले हैं?

वैध भारतीय e-Visa रखने वाले विदेशी नागरिक अब बिना किसी अतिरिक्त कागज़ी प्रक्रिया के इन 11 नए अधिसूचित स्थानों से भी इमिग्रेशन क्लीयरेंस ले सकेंगे। हालाँकि, सुरक्षा जाँच और मूल वीजा की शर्तें (जैसे पासपोर्ट की वैधता और अनुमति अवधि) पूर्ववत लागू रहेंगी।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. e-Visa के माध्यम से अब भारत में प्रवेश के लिए कुल कितने पोर्ट्स उपलब्ध हैं?
उत्तर: अब कुल 88 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स (37 एयरपोर्ट्स, 38 सीपोर्ट्स और 13 लैंड पोर्ट्स) उपलब्ध हैं।
Q2. नए शामिल किए गए 2 एयरपोर्ट्स कौन-से हैं?
उत्तर: मध्य प्रदेश का भोपाल (राजा भोज एयरपोर्ट) और आंध्र प्रदेश का तिरुपति एयरपोर्ट नए e-Visa एंट्री पॉइंट्स में शामिल किए गए हैं।
Q3. e-Visa आवेदन का औसतन स्वीकृत समय कितना है?
उत्तर: गृह मंत्रालय के अनुसार, लगभग 95% e-Visa आवेदनों को 72 घंटे (3 दिन) के भीतर प्रोसेस कर दिया जाता है।

Disclaimer

यह लेख आधिकारिक सरकारी विज्ञप्तियों और सूचनात्मक स्रोतों पर आधारित है। e-Visa नियमों, पात्र देशों की सूची और आव्रजन शर्तों की ताज़ा जानकारी के लिए आवेदक भारत सरकार के आधिकारिक ई-वीजा पोर्टल (indianvisaonline.gov.in) पर नियमों की जांच अवश्य करें।

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